अंजुमन इमामिया के तत्वावधान में शहर के मोहल्ला दानिशमंदान स्थित इमाम
बारगाह अली अकबर में मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना आसिम अली लखनवी ने
नाना के दीन के खातिर कर्बला में हजरत इमाम हुसैन व उनके कुनबे 72 अफराद की
शहादत का वाक्या बयां किया।
इससे पहले अब्बास हैदर व हमनवां ने मरसिया
ख्वानी की। जिसे सुनकर हाजरीन की आंखों से जार ओ कतार आंसू बह निकले। इसके
बाद अंजुमने बनी हाशिम ने नौहाख्वानी और मातम बरपा किया। इस दौरान अंजुमन
के सदस्यों ने दहकते अंगारों पर नंगे पैर मातम करके बीबी फातिमा को शहादत
का पुरसा दिया।
आग के मातम में नईम रजा, वकार खां, जुल्फेकार खां, सामी
अमरोहवी, जौन, डा.शहजाद, मीसम, अजीम मेहदी, माहिर हुसैनख् समीर, सलमान
खां, सिकंदर रजा, तकी, हबीब, फिरोज कौकब, नकी उल हसन, अरशी, हसन इमाम, आलिम
तकवी आदि मौजूद थे।
उधर, देर शाम मुहल्ला बगला में सिब्ते सज्जाद के
मकान से जरी का जुलूस निकला तो वहीं दूसरी तरफ इमामबाड़ा राजेका खातून से
इमाम हजरत अली असगर की शहादत के सिलसिले में शबीहे ताबूत बरामद हुआ।
इमामबाड़ों में देर रात शब्बेदारी हुई। जिसमें शहर की तमाम मातमी अंजुमनों
ने सीनाजनी की।