वित्त मंत्री अरुण जेटली केंद्र सरकार का आम बजट पेश करेंगे। बजट से हर वर्ग के लिए बड़ी उम्मीदें हैं, कि उन्हें राहत मिलेगी। खासतौर पर बजट में महंगाई घटेगी ऐसा भी देखा जा रहा है।
महिलाएं अपने रसोई को ध्यान में रखकर राहत भरी नजरों से देख रही हैं तो नौकरपेशा लोगों को आयकर टैक्स स्लैब बढ़ने की उम्मीद दिखाई दे रही है। व्यापारी कोई नया कर नहीं लगे ऐसी दृष्टि से बजट को देख रहे हैं। किसानों को अपने कायाकल्प की उम्मीद लग रही है। किसानों को इस बजट से बड़ी उम्मीदें हैं।
जैसा प्रधानमंत्री किसानों के लिए कहते आ रहे हैं वैसा बजट में कुछ होगा या नहीं यह तो कल जब वित्त मंत्री की पोटली खुलेगी उसके बाद ही पता चलेगा। युवा वर्ग को अपने सुनहरे सपनों को पंख लगने की उम्मीद दिख रही है।
वह इस बजट में मोबाइल, टीवी, इलेक्ट्रानिक गुड्स आदि सस्ती देखना चाहता है। उच्च शिक्षा की फीस पर भी क्या होगा। शैक्षिक ऋण पर सरकार क्या करेगी, इस सबमें युवा वर्ग भी राहत मिलने की उम्मीद की आस लगाए बैठा है-
बजट से किसानों को कायाकल्प की उम्मीद
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष सरदार जोरावर सिंह कहते हैं कि केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को खेती किसानी को ध्यान में रखकर बजट पेश करना चाहिए। बजट ऐसा होना चाहिए, जिससे घाटे का सौदा कहलाने वाली कृषि की हालत सुधर सके।
वहीं किसान नेता होशियार सिंह का कहना है कि गन्ने का कई साल से भाव नहीं बढ़ने, धान की कीमत बेहद कम हो जाने के कारण खेतीबाड़ी से किसानों का मोह भंग हो रहा है। रासायनिक खादों, कृषि यंत्रों को अपने बजट में स्थान देना चाहिए। इससे संकट में चल रहे अन्नदाता की कायाकल्प हो सके।
बजट से गांवों के विकास की उम्मीद
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अमरोहा देहात (कल्याणपुरा) की ग्राम प्रधान शांति देवी को बजट से खासी उम्मीद है। कहती हैं कि केंद्रीय वित्त मंत्री को ग्रामीण इलाकों को ध्यान में रखते हुए बजट पेश करना चाहिए। गांव गलियारों की कायाकल्प को बजट में खास स्थान देना चाहिए।
रसोई पर नहीं पड़े मंहगाई की मार
गृहणी चंद्रकिरण सिंह का कहना है कि महंगाई की मार से रसोई का बजट बिगड़ गया है। दाल, सब्जी, आटे से लेकर सौंदर्य प्रसाधन सब कई गुना महंगे हो गए हैं। बजट में रसोई का खास ध्यान रखना चाहिए।
नीरज मान कहती हैं कि केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को लगातार बढ़ रही महंगाई को देखते हुए बजट में रसोई का खास ध्यान देना चाहिए। जिससे महिलाओं को घर परिवार चलाने में दिक्कत न हो।
नौकरपेशा को उम्मीद टैक्स स्लैब बढ़ेगा
टीटीआई कैलाश चंद्र कहते हैं कि बजट में आयकर छूट तथा बचत की सीमा बढ़ाई जानी चाहिए। इनकम टैक्स कम कटने से कर्मचारी ज्यादा से ज्यादा जमा करेगा।
जिससे उसकी बचत भी बढ़ेेगी साथ साथ ही सरकार के खजाने में भी अधिक धन जमा होगा। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला महामंत्री मुकेश चौधरी का कहना है कि बजट इस तरह का होना चाहिए, जिसमें राज्य कर्मचारियों को भी सहूलियत हासिल हों। टैक्स छूट मिले ताकि बचत का दायरा बढ़ाया जा सके।
व्यापारियों बोले, नया कर न थोपा जाए
होटल व्यवसायी व काटन वेस्ट कारोबारी संदीप अग्रवाल को सोमवार को पेश होने वाले आम बजट से बड़ी उम्मीदें हैं। कहते हैं कि प्रदेश सरकार ने काटन वेस्ट कारोबारियों को जो सब्सिडी दी है, वह बेहद कम है।
मशीनीकरण के कारण भी काटन वेस्ट कारोबारी घाटे में चल रहे हैं। केंद्र सरकार को काटन वेस्ट कारोबारियों को सब्सिडी देने के लिए बजट में निर्धारण करना चाहिए। उधर पेट्रोल पंप मालिक आसिफ कुरैशी को भी बजट से अपेक्षाएं हैं। कहते हैं कि पेट्रोल पंप मालिकों को ध्यान में रखकर बजट पेश करना चाहिए।
इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं हों सस्ती
युवा वर्ग आने वाले बजट से खासी उम्मीद पाले हुए है। नईम इदरीसी व इकबाल खां कहते हैं कि लैपटॉप, इलेक्ट्रिक डिवाइस व मोबाइल, बाइक, स्कूटी, कार आदि घर-घर की जरूरत बन गई हैं। वित्त मंत्री को अपने बजट में जगह देनी चाहिए। इससे युवा वर्ग अपना भविष्य बनाने के लिए लैपटॉप, थ्री डी मोबाइल, कंप्यूटर खरीदने में दिक्कत न हो।