रेलवे की लापरवाही और जागरूकता का अभाव कभी भी भारी पड़ सकती है। कल्याणपुरा के सामने, अतरासी रोड पर क्रासिंग और जोयारोड पर ओवरब्रिज के नीचे समेत शहर में तमाम अवैध कट बना दिए गए हैं।
इससे लोग जान जोखिम में डालकर ट्रैक पार कर रहे हैं, मगर इसे रोकने के प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। इधर, दिल्ली-मुरादाबाद रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ते एक माह से अधिक हो चुका है। इस रूट पर दिन और रात में अप-डाउन दिशा की लगभग 80 ट्रेन गुजरतीं हैं। जिसमें 20 अप और इतनी ही डाउन की ट्रेनों का स्टेशन पर ठहराव है।
रेलवे के अफसर इलेक्ट्रिक ट्रैक पर ट्रेनों की गति बढ़ने का भी दावा कर रहे हैं, लेकिन लोगों की जान की हिफाजत करने की कोशिश नहीं कर रहे हैं और लोग जान की परवाह किए बगैर अवैध कटों से लाइन पार कर रहे हैं। इससे हादसे का खतरा बढ़ गया है।
इसके अलावा लाइन पार करने के लिए न तो ओवब्रिज बनाए और न ही कोई अन्य इंतजाम किए जबकि कई किमी तक रेलवे लाइन आबादी के बीच में हैं। वहीं जोया मार्ग पर ओवरब्रिज जरूर बना है, मगर इसके बाद भी अवैध कट से रोजाना सैकड़ों लोग जान जोखिम में डालकर लाइन पार करते हैं।
साथ ही दोपहिया वाहनों को भी पटरियों से खींचकर गुजारते हैं। कुछ महीने पूर्व ही बाइक को पटरियों से निकालते समय ट्रेन आने से दंपति को काम कर रहे लोगों ने खींचकर बचाया था, जबकि बाइक के परखच्चे उड़ गए थे।
अमरोहा में स्टापेज वाली तीन ट्रेनें स्थायी रूप से इलेक्ट्रिक इंजन से संचालित की जा रहीं हैं। लखनऊ से आनंद विहार तक चलने वाली डबल डेकर भी इलेक्ट्रिक हो गई है। यह शुक्रवार व रविवार को गुजरती है। कुछ रनथ्रू ट्रेनें और मालगाड़ियां भी इलेक्ट्रिक इंजन से चल रहीं हैं। स्पीड में भी कुछ इजाफा हो गया है। -सरदार सिंह स्टेशन अधीक्षक
अंडरपास बनाने का प्रस्ताव
रेलवे सूत्रों के मुताबिक, हादसे रोकने के लिए अवैध कट जल्दी ही बंद कर दिए जाएंगे। खुले हुए फाटकों को भी जल्दी बंद करके अंडरपास बनाए जाएंगे। इसके लिए प्रस्ताव भी भेजा चुका है। कई स्थानों पर अंडरपास बनाने के लिए निर्माण भी चल रहा है। मुरादाबाद से हापुड़ के बीच चार क्रासिंग बंद करके अंडरपास बनाए जा चुके हैं। बाकी क्रासिंग भी अंडरपास बनाकर बंद किए जाएंगे।