चीनी मिलें 15 दिसंबर तक किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान कर देंगी। इसके अलावा 27 नवंबर तक सभी चीनी मिलों की मशीनें चलने लगेंगी।
मिल प्रबंधकों एवं गन्ना विकास समिति के संचालक सदस्यों की बैठक में यह निर्णय हुआ, जबकि धामपुर और स्योहारा शुगर मिल 18 नवंबर से चालू हो जाएंगी।
मंगलवार को शहर के सहकारी गन्ना विकास समिति परिसर में आयोजित बैठक में धामपुर, स्योहारा, चंदनपुर, धनौरा, असमोली, अगवानपुर, बेलवाड़ा चीनी मिलों के प्रबंधक उपस्थित थे।
इस दौरान निर्णय हुआ कि धामपुर, स्योहारा मिल 18 नवंबर तक, चंदनपुर मिल 23 नवंबर, असमोली, अगवानपुर और धनौरा मिल में 26 नवंबर तक पेराई शुरू हो जाएगी। असमोली, बेलवाड़ा मिल पंद्रह दिसंबर तक पेराई शुरू करेंगी।
इसके अलावा धनौरा चीनी मिल ने 30 नवंबर तक गन्ने के बकाये के भुगतान का आश्वासन दिया। प्रबंध कमेटी के सदस्यों का यात्रा भत्ता 15 सौ रुपये पास किया गया।
इस दौरान गन्ना विकास समिति अमरोहा के सभापति भगत सिंह बॉबी ने कहा कि गन्ना क्रय केंद्रों पर घटतौली नहीं होने दी जाएगी। संचालक सदस्यों की टीम बनाकर छापामारी कर घटतौली रोकी जाएगी।
संचालक अजीत सिंह खंडसाल ने कहा कि गन्ना क्रय केंद्रों पर घटतौली कर गन्ना किसानों का शोषण किया जाता है, जिसके कारण किसान को नुकसान होता है। किसान के साथ घटतौली नहीं होने दी जाएगी।
बैठक में किसानों को पचास प्रतिशत अनुदान पर बंडफार्मर, गन्ना जुताई यंत्र, हैरो स्वीकृत किए गए। इस मौके पर उपाध्यक्ष जयवीर सिंह, कुलवंत सिंह, रवि यादव, साजिद खां, अमरजीत सिंह, मुहम्मद कासिम, सुधीर बालियान, संजीव कुमार राणा, शैलेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे। संचालन विशेष सचिव सुशील कुमार कपूर ने किया।