गजरौला। इलाहाबाद जा रही नौचंदी एक्सप्रेस में गार्ड वाली बोगी के पिछले दो पहिए ट्रैक से उतरने की सूचना प्रसारित होते ही महकमे में हड़कंप मच गया। आरपीएफ और जीआरपी स्टाफ के साथ ही जहां रेलवे कर्मी तत्काल मौके पर आए वहीं मुरादाबाद से राहत एवं बचाव वाली ट्रेन भी गजरौला के लिए चल दी, बाद में पता चला कि यह तो मॉक ड्रिल था।
शनिवार की रात 22.30 बजे मेरठ से इलाहाबाद जा रही 4512 नौचंदी एक्सप्रेस यहां प्लेटफार्म संख्या एक पर पहुंची। इसी दौरान स्टेशन मास्टर ने वायरलेस पर मैसेज फ्लैश किया कि गार्ड वाले डिब्बे के पीछे के दो पहिए पटरी से उतर गए हैं। यह मैसेज फ्लैश होते ही यहां हड़कंप मच गया। आरपीएफ के प्रभारी निरीक्षक शैलेंद्र सिंह, जीआरपी प्रभारी और रेलवे के तमाम कर्मी मौके पर आ गए। इस दौरान ट्रेन यहां पूरे 12 मिनट रुकी गई। उधर, मुरादाबाद कंट्रोल रूम भी इसकी जानकारी होते ही तत्काल वहां से दुर्घटना राहत एवं बचाव ट्रेन गजरौला के लिए रवाना हो गई। इसी बीच जानकारी दी गई कि यह तो मॉप ड्रिल था। इस पर सभी ने राहत की सांस ली और ट्रेन गंतव्य की ओर रवाना हो गई। वहीं गजरौला आ रही दुर्घटना राहत ट्रेन को लोधीपुर स्टेशन से ही वापस लौटा लिया गया। इस आपरेशन के लिए डीआरएम ने सीनियर डीएसओ सत्यप्रकाश को अधिकृत किया। उन्होंने आरपीएफ के सेफ्टी इंस्पेक्टर सुभाष अरोड़ा को आपरेशन के निर्देश दिए। शनिवार की रात लगभग दस बजे सेफ्टी इंस्पेक्टर यहां आए और आते ही स्टेशन मास्टर की बात मोबाइल पर सीनियर डीएसओ से कराई।