अमरोहा। अदालत ने हत्या के एक मामले में पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष एवं दो सगे भाइयों समेत छह अभियुक्तों को उम्र कैद और सभी पर 43 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। गुरुवार को सभी पर दोष सिद्ध किया गया था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार शहर के मोहल्ला मंडी चौब निवासी ब्रह्मानन्द 16 मई 2002 को जेल से रिहा होकर आया था और रात करीब 11 बजे अपने घर में बैठा पत्नी लक्ष्मी देवी से बातचीत कर रहा था कि तभी मोहल्ला कटरा निवासी पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष दीपक शर्मा, चाहगौरी निवासी आरिफ, नल निवासी रिहान, दरबारे कलां निवासी शकील, सराय कोहना निवासी अख्तर उर्फ मुखिया व उसका भाई उस्ताद उर्फ अशरफ और एक अन्य जीशान वहां आ धमके और घर में घुसकर ब्रह्मानन्द को उठाकर घर से बाहर सड़क पर ले आए और गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। मृतक की पत्नी लक्ष्मी देवी ने उक्त सभी के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया और कुछ समय बाद जमानत पर सभी जेल से रिहा होकर बाहर आ गए। इस दरम्यान जीशान की मौत हो गई। गुरुवार को अपर जनपद एवं विशेष सत्र न्यायाधीश राज सिंह वर्मा ने मामले की सुनवाई की और दोष सिद्ध करके अभियुक्तों को जेल भेज दिया। शुक्रवार को सभी को उम्र कैद की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने दीपक शर्मा, अख्तर उर्फ मुखिया, उस्ताद उर्फ अशरफ व शकील पर सात-सात हजार रुपये और आरिफ व रिहान ने साढ़े सात-साढ़े सात हजार का अर्थदंड भी लगाया गया है।