कैलसा/अमरोहा। सैंदोली गांव में गन्ने की फसल के बीच पेड़ पर फांसी के फंदे से झूलते मिले शव की शिनाख्त करतार जाटव के रूप में हुई है। बेटों का कहना है कि वह मानसिक तौर पर बीमार चल रहे थे। इसलिए आत्महत्या कर ली। वहीं पोस्टमार्टम में भी मौत का कारण हैंगिग बताया गया है। जान देने की कोशिश वह पहले भी कर चुके थे।
सैंदोली गांव में पुलिस को शुक्रवार सुबह दिनेश के गन्ने के खेत में दस-बारह दिन पुरानी लाश पेड़ पर फांसी के फंदे पर लटकी मिली थी। देर शाम बेटे रामगोपाल ने अपने भाइयों के साथ थाने जाकर फोटो देखकर शिनाख्त की। पोस्टमार्टम हाउस पर आए बेटे रामगोपाल ने बताया कि उसके पिता 27 अक्तूबर को बिना बताए घर से चले गए थे। सुराग नहीं लगने पर मामले की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। वह शुक्रवार को पिता की तलाश में ब्रजघाट, गजरौला गया था और दोनों छोटे भाई पुरुषोत्तम और मुन्नू भी पिता की तलाश में अमरोहा, कैलसा रेलवे स्टेशन पर तलाश कर रहे थे। शव से बदबू उठने के कारण परिवार के और लोग व ग्रामीण लाश से दूर रहे। इसलिए पहचान नहीं हो पाई। देर शाम उसने थाने जाकर फोटो देखा तक पिता के रूप में पहचान की।