गजरौला। सुल्तान नगर की रसगुल्ला फैक्ट्री में नमूने भरने गए अफसरों को 5 से 10 साल की उम्र के बच्चे काम करते मिले। फैक्ट्री से संबधित लोगों से जब इस बाबत पूछा गया तो बच्चों को हटा दिया गया। इस मसले पर एसडीएम ने किसी भी अफसर द्वारा सूचना नहीं दिए जाने की बात कही है।
सोमवार को अमरोहा से आए दो अफसरों ने सुल्तान नगर स्थित एक रसगुल्ला फैक्ट्री में नमूने भरे। दोनों अफसर करीब पौन घंटे इस फैक्ट्री में बैठे रहे। उनके फैक्ट्री में पहुंचने के दौरान 5 से 10 साल की उम्र की बच्चे रसगुल्ले बना रहे थे। इस दौरान बच्चों की फोटो लेने के बाद फैक्ट्री में मौजूद कुछ कर्मचारियों से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बच्चे फैक्ट्री मालिक के घर के हैं। इतना कह कर वहां काम कर रहे बच्चों को हटा दिया गया। यह सब होने के दौरान भी अमरोहा से आए अफसरों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। तहसील के प्रशासनिक अफसरों ने कहा कि उन्हें इस बाबत कोई जानकारी नहीं दी गई है।
-नमूने भरने गई टीम ने इस बाबत कोई जानकारी नहीं दी है। यदि उन्हें बालश्रम की सूचना मिलती तो वह तुरंत छापा मारते और आवश्यक कार्रवाई करते।
-शिवदयाल, एसडीएम धनौरा