अमरोहा। डेंगू से निपटने के मामले में स्वास्थ्य विभाग संसाधन विहीन है। दो मौतों के बाद भी जांच तक के बंदोवस्त नहीं किए गए। सिर्फ जिला अस्पताल में बीस बेड के वार्ड की व्यवस्था की जा सकी है। ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स की भी व्यवस्था नहीं है। इसके लिए मेरठ या मुरादाबाद की तरफ दौड़ने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
जिले में डेंगू का डंक असर दिखाने लगा है। सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में बुखार पीड़ितों की लाईन लगी पड़ी है। पैथोलॉजी लैबों पर ब्लड की जांच के लिए भी कतार लगी है। डेंगू की शिकायत मिलने पर रोगी को मुरादाबाद या फिर मेरठ रेफर किया जा रहा है। जिले में डेंगू से दो मौतें हो चुकी हैं। इनमें एक केस नौगावां सादात का जबकि दूसरा अमरोहा शहर का है। सप्ताहभर पहले गांव आलमपुर कैंच निवासी रामलाल का बेटा अरविंद दिल्ली में मजदूरी करता था और डेंगू की चपेट में आने के कारण उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। शहर के मोहल्ला नल निवासी नदीम पुत्र मोहम्मद हसीन दुबई में इंजीनियर था। वह बकरीद पर घर आया था। डेंगू की शिकायत होने पर उसे मेरठ में भर्ती कराया गया था। गुरुवार को इंजीनियर ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग डेंगू की जांच तक की व्यवस्था नहीं कर सका है। ब्लड बैंक है, तो उसमें प्लेटलेट्स का बंदोवस्त नहीं है। हालांकि जिला अस्पताल में बीस बेड के वार्ड की व्यवस्था पहले ही कर ली गई थी।
जिला अस्पताल में डेंगू रोगियों के लिए अलग से बीस बेड के वार्ड की व्यवस्था पहले से ही की हुई है लेकिन, डेंगू का एक भी रोगी अस्पताल में नहीं आया है।
-डा.प्रवीण कुमार बंसल, सीएमएस संयुक्त जिला अस्पताल