अमरोहा। उपभोक्ता फोरम ने भारतीय जीवन बीमा निगम के वरिष्ठ मंडल प्रबंधक मेरठ और शाखा प्रबंधक अमरोहा पर शिकंजा कस दिया है। दो बीमा की धनराशि छह लाख साठ हजार रुपये भुगतान करने का आदेश दिया है। मानसिक कष्ट एवं क्षतिपूर्ति के रूप में पंद्रह हजार रुपये भुगतान करने होंगे। समस्त धनराशि एक महीने के भीतर आठ प्रतिशत ब्याज के साथ देनी होगी।
शहर के मोहल्ला लकड़ा निवासी अनीस अहमद ने भारतीय जीवन बीमा निगम की शाखा अमरोहा में पांच लाख और एक लाख साठ हजार रुपये की अलग-अलग दो पालिसी कराईं थी। दोनों ही पालिसी में पत्नी रूकसाना को नामिनी बनाया था। 22 अगस्त 2012 को अनीस अहमद की मृत्यु हो गई। पत्नी रूकसाना ने नामिनी होने पर एलआईसी शाखा में पालिसी की धनराशि के लिए समस्त प्रपत्र जमा कर दावा किया। लेकिन कंपनी ने अनीस अहमद की मृत्यु बीमारी से होना बताकर दावा खारिज कर दिया। अधिवक्ता द्वारा नोटिस देने के बाद भी कंपनी ने कोई जवाब नहीं दिया। जिस पर रूकसाना ने एलआईसी के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक मेरठ और शाखा प्रबंधक अमरोहा के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया। फोरम अध्यक्ष केशव प्रसाद त्रिपाठी, वरिष्ठ सदस्य मसरूर अहमद सिद्दीकी एवं सदस्य अर्चना सिंघल ने सुनवाई के दौरान शाखा प्रबंधकों को दोनों पालिसी की धनराशि छह लाख साठ हजार, मानसिक कष्ठ एवं क्षतिपूर्ति के रूप में दस हजार, परिवाद व्यय के रूप में पांच हजार रुपये भुगतान करने का आदेश दिया है।