जोया (अमरोहा)। डिडौली क्षेत्र के चौधरपुर गांव में गोलियों की तड़तड़ाहट की दहशत बुधवार को भी ग्रामीणों में हावी रही। फोर्स की मौजूदगी से जहां गलियों में सन्नाटा रहा, वहीं दूसरी तरफ महिलाएं और बच्चे घरों से नहीं निकले। पुलिस ने पीड़ित पक्ष के सोहराब की तहरीर पर देर रात इस फायरिंग प्रकरण में दस और आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि, इसमें से छह लोग पहले हुई एफआईआर में नामजद हैं।
पूर्व प्रधान छिद्दा के बेटे रईस के अपहरण के शक में चौधरपुर गांव मंगलवार को अंधाधुंध फायरिंग से दहल उठा था। छतों से बरसाई गईं गोलियों से निकले छर्रों की जद में आकर दस महिलाओं और छह स्कूली बच्चों सहित करीब 24 लोगों को लहूलुहान हो गए थे।
खूनी संघर्ष के बाद चौधरपुर में फोर्स तैनात कर छह आरोपियों पर मुकदमा दर्ज करने वाली डिडौली पुलिस ने देर रात सोहराब की तहरीर पर जानलेवा हमले में दस और लोगों को नामजद कर लिया। वहीं, बुधवार को गांव का माहौल एकदम खामोश रहा। चप्पे-चप्पे पर फोर्स की मौजूदगी से ग्रामीण बाहर नहीं निकले। बच्चों को स्कूल नहीं भेजा।