अमरोहा। ग्यारह ट्रेड यूनियन के आहवान पर देशव्यापी हड़ताल ने पहले ही दिन कमर तोड़कर रख दी। परिवहन के अलावा बैंक एवं बीमा सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं। जिससे अकेले जिले में बैंकों का ही पचास करोड़ से ज्यादा का कारोबार ठप रहा। रोडवेज का चक्का जाम होने से परिवहन निगम को तीन लाख की चपत लगी। जबकि बीमा कंपनी कर्मियों के हड़ताल पर रहने से पचीस लाख का लेन-देन प्रभावित हुआ। हालांकि बिजली विभाग के सैकड़ों कर्मचारी पूरी तरह हड़ताल पर रहे। लेकिन इसका असर सेवाओं पर नहीं रहा। दिनभर बैंक, बीमा, बिजली और रोडवेज से जुड़े संगठनों के धरने प्रदर्शन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी चलती रही।
बैंक इंप्लाइज यूनियन से जुड़े तमाम संगठनों के आह्वान पर जिले की आठ राष्ट्रीयकृत बैंक में स्टेट बैंक की 11, इलाहाबाद बैंक की एक, केनरा बैंक की तीन, यूनियन बंक की दो, पंजाब नेशनल बैंक की सात, सिंडिकेट बैंक की 16, बैंक आफ बड़ौदा की दो तथा सेंट्रल बैंक की एक शाखा में करीब दो सौ से ज्यादा कर्मचारियों के पूरी तरह हड़ताल पर रहने से सभी ब्रांच पर दिनभर ताले लटके रहे। बैंक कर्मचारी संगठन बैनर थामे सरकार के खिलाफ नारेबाजी व प्रदर्शन करते रहे। लीड बैंक प्रबंधक एमएजेड खान के मुताबिक पहले दिन ही हड़ताल से जिलेभर में लगभग पचास करोड़ से ज्यादा का कारोबार ठप रहने का अनुमान है। जिससे पूरे जनपद में कमोवेश 80 हजार से ज्यादा बैंक ग्राहकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा है।
आल इंडिया इंप्लाइज यूनियन के आह्वान पर बीमा कर्मी बुधवार को पहले दिन हड़ताल पर रहे। संगठनों के कर्मचारी कुलदीप सिंह, सुरेंद्र सिंह, संजीव भटनागर, दीपक रवि, विजय, योगेश, जितेंद्र, राजेश, हासम अली, ओमप्रकाश आदि ने एलआईसी दफ्तर के बाहर केंद्र सरकार के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी व प्रदर्शन किया। वहीं, तोता राम, महेश, राजन आदि ने कर्मचारियों से संगठित होने का आह्वान किया। शाखा प्रबंधक अखिलेश कुमार शर्मा के मुताबिक एक दिन की हड़ताल से दफ्तर में बीमा पालिसी से जुड़ा लेन-देन पूरी तरह प्रभावित रहा। जिले की अमरोहा व गजरौला शाखाओं में लगभग पच्चीस लाख से ज्यादा का लेन-देन प्रभावित होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
देशव्यापी हड़ताल का सबसे ज्यादा असर परिवहन निगम में देखने को मिला। डिपो से रोडवेज बसों का संचालन पूरी तरह ठप रहा। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त मोरचा एवं इंप्लाइज यूनियन के डिपो में तैनात 60 परिचायक व 50 चालक के अलावा 15 बाबू दिनभर हड़ताल पर रहे। इनके काम पर नहीं आने से मुख्यालय से संभल, बिजनौर, हरिद्वार, मुरादाबाद, देहरादून व दिल्ली समेत प्रमुख शहरों को दौड़ने वाली रोडवेज बसें दिनभर बस स्टैंड पर खड़ी रहीं। यूनियन के अध्यक्ष सरफराज मलिक के मुताबिक पहले दिन हड़ताल पूर्णतया सफल रही है। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक हरपाल सिंह के मुताबिक अकेले अमरोहा डिपो से निगम को करीब तीन लाख का राजस्व प्राप्त होता है। लिहाजा यदि दोनों दिन हड़ताल सफल रही तब छह लाख से ज्यादा का नुकसान झेलना पड़ सकता है।