मैराथन के विजेता धावक अधिकारियों के साथ। संवाद न्यूज एजेंसी
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। कुमाऊं रेजीमेंट केंद्र की ओर से आयोजित राष्ट्रीय एकता मिनी मैराथन में युवाओं, जवानों और अधिकारियों का जोश देखते ही बन रहा था। मिनी मैराथन के लिए महिलाएं भी पीछे नहीं रहीं। सेवानिवृत्त कर्नल रामू भंडारी ने जहां 60 वर्ष की आयु में जोश दिखाया, वहीं 46 वर्षीय सावित्री देवी भी पीछे नहीं रहीं।
हरी झंडी दिखाते हुए केआरसी के कर्नल डीके जोशी ने कहा कि इससे सेना और नागरिकों के बीच संबंध और भी प्रगाढ़ होंगे। विभिन्न वर्गों में आयोजित मैराथन में सेना और नागरिकों सहित पांच सौ से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। रविवार को केआरसी के उप समादेषक कर्नल डीके जोशी ने नरसिंह मैदान से हरी झंडी दिखाकर मैराथन का शुभारंभ किया।
महिलाओं और पुरुषों की तीन, चार, पांच और 10 किमी मैराथन हुई। नरसिंह मैदान से मालरोड, मिलिट्री अस्पताल, रानीझील होते हुए वापस नरसिंह मैदान में मैराथन का समापन हुआ। मुख्य अतिथि कर्नल डीके जोशी ने कहा कि सेना और नागरिकों के बीच इस मैराथन के माध्यम से दोनों के बीच संबंध और भी प्रगाढ़ होंगे। उन्होंने विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित किए। कार्यक्रम को कर्नल अमित ढाका, मेजर कार्तिक थापा, मेजर मोना मैथी, मेजर सजल गुप्ता, सूबेदार मेजर गोपी चंद, जीवन सिंह, सूबेदार तारा रावत, संजीव कुमार आदि ने सहयोग किया।