बसेड़ी के पास रामगंगा नदी में रेस्क्यू ऑपरेशन
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भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। तहसील अंतर्गत राजस्व उपनिरीक्षक क्षेत्र मानीला का एक युवक रामगंगा नदी में नहाते समय डूब गया। स्थानीय गोताखोरों ने एक घंटे की कड़ी मशक्कत कर शव को नदी से निकाला। राजस्व टीम ने पोस्टमार्टम के लिए शव को कब्जे में लेकर पंचायत नामा भरा।
राजस्व उपनिरीक्षक क्षेत्र मानिला के पूनाकोट निवासी प्रमोद (23) पुत्र देव सिंह अपने चचेरे भाई सूरज के साथ उसकी रिश्तेदारी में बृहस्पतिवार को बसेड़ी गांव दिन में 2:30 बजे पहुंचा। गर्मी हुई तो दोनों युवक शाम 5:30 बजे रामगंगा नदी में नहाने चले गए। प्रमोद रामगंगा नदी में नहाने उतर गया और गहरे पानी के भंवर में फंस कर डूब गया। प्रमोद को डूबता देख उसके चचेरे भाई सूरज ने इधर उधर आवाज लगाई। नदी के आसपास कोई दिखाई नहीं दिया जिस पर वह पास की बस्ती में गया और लोगों को घटना की जानकारी दी। ग्रामीण उसकी खोजबीन में जुट गए। सूचना पर तहसीलदार विवेक राजौरी और चौकी प्रभारी ओपीएस नेगी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। शाम 6:40 बजे रामगंगा नदी के डुबकुली बसेड़ी नामक स्थान पर शव को बरामद कर लिया गया। राजस्व टीम ने पोस्टमार्टम के लिए शव को कब्जे में लेकर पंचायत नामा भरने की कार्रवाई की। सल्ट विधायक महेश जीना ने घटना पर दुख जताया। उन्होंने शव का पोस्टमार्टम भिकियासैंण में कराने के लिए डीएम को निर्देशित किया। वहां पर कानूनगो हरकिशन, राजस्व उप निरीक्षक संजय सिंह, शमीम आदि थे। शव ढूंढने में मदद करने वालों में जीवन सिंह, भगत सिंह बिष्ट, संजय, नंदा बल्लभ, देवेंद्र , मनोज आदि शामिल थे।
बस न छूटती तो शायद बच जाती जान...
भिकियासैंण। प्रमोद डॉ. प्रताप बिष्ट राजकीय महाविद्यालय भिकियासैंण में बीकॉम प्रथम वर्ष का छात्र है। उसके चचेरे भाई सूरज ने बताया कालेज में किताबें लेने गए थे। मानिला को जाने वाली गाड़ी छूट जाने की वजह से वे दोनों अपने रिश्तेदारी में बसेड़ी चले गए। यदि प्रमोद को मानिला जाने के लिए वाहन मिल जाता तो शायद उसकी जान बच जाती है।
प्रमोद का फाइल फोटो- फोटो : ALMORA