अल्मोड़ा। बाल प्रहरी, बाल साहित्य संस्थान और भारत ज्ञान विज्ञान समिति की ओर से सोमवार से रैमजे इंटर कॉलेज में पांच दिनी बाल विज्ञान मेला शुरू हो गया है।
कविता सत्र में बच्चों ने अपनी पाठ्य पुस्तक की कविताएं सुनाईं और समूह में दिए हुए शब्दों के आधार पर बादल, कंप्यूटर, मोबाइल, सूरज, पर्यावरण और स्वच्छता अभियान आदि विषय पर कविताएं तैयार कीं। शिक्षाविद डॉ. विजया ढौंडियाल ने बच्चों से विज्ञान से दूर भागने के बजाय इससे जुड़ने की अपील की। भारत ज्ञान विज्ञान समिति के प्रांतीय सचिव नीरज पंत ने कहा कि विज्ञान हमें क्या क्यों तथा कैसे आदि तर्क - वितर्क करने की सीख देता है। बाल साहित्य संस्थान के सचिव और बाल प्रहरी के संपादक उदय किरौला ने बताया कि बाल प्रहरी, बाल साहित्य संस्थान की ओर से अब तक 16 राज्यों में 318 स्थानों पर पांच दिनी कार्यशालाएं आयोजित की जा चुकी हैं। कार्यशाला में प्रत्येक बच्चे की एक हस्तलिखित पुस्तक तैयार की जाएगी। भारत ज्ञान विज्ञान समिति के जिला सचिव कृपाल सिंह शीला ने कविता के बारे में बताते हुए कहा कि कविता कोई सिखाने की विधा नहीं है। कार्यशाला की शुरुआत ‘ज्ञान का दीया जलाने’ समूह गीत से हुई। वहां भारत ज्ञान विज्ञान समिति के प्रांतीय उपाध्यक्ष प्रमोद तिवारी, उदय किरौला, नीरज पंत, गरिमा राणा, भगवती गुसाई, दिनेश पांडेय, गायत्री बिष्ट आदि थे।
प्रतियोगिताओं में अव्वल बच्चों को दिए पुरस्कार
अल्मोड़ा। लेखन, शब्द लेखन, सामान्य ज्ञान और चित्रकला प्रतियोगिताओं में अव्वल रही यशस्वी जोशी, हिमांशी रौतेला, मनीषा रौतेला, हितार्थ पांडे, दर्शन गुसाई, कृति जोशी, हिमानी गुसाई को पुरस्कार के तौर पर बाल साहित्य दिया गया। बच्चों ने तोता कहता है, जैसा में कहूं, कितने भाई कितने, कितना बड़ा पहाड़, पिज्जा हट आदि खेलों में खूब मस्ती की। संवाद