अल्मोड़ा। 38वें राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के लिए जिले के बेटी मनीषा बिष्ट दिन-रात पसीना बहा रही है। 37वें राष्ट्रीय खेलों की योग प्रतियोगिता में मनीषा ने रजत पदक जीत कर प्रदेश को नई पहचान दिलाई थी। अब एक बार फिर प्रदेश को मनीषा से पदक की उम्मीद है।
रानीखेत के खनियां गांव निवासी मनीषा गोवा में आयोजित 37वें राष्ट्रीय खेलों की योग प्रतियोगिता में रजत पदक जीतकर प्रदेश में योग खेलों को नई पहचान दिलाई है। योगासन प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर पर यह राज्य का पहला राष्ट्रीय पदक था। प्रदेश को एक बार भी मनीषा से पदक की उम्मीद जगी है। मनीषा फॉरेस्ट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट हल्द्वानी में सरकारी पद पर तैनात हैं और पतंजलि विवि में स्नातक योग की छात्रा हैं। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक जीतना है। हल्द्वानी में हुए ट्रायल में उनका चयन प्रदेश की 14 सदस्यीय टीम में हुआ।
अस्मिता खेलो इंडिया में भी जीत चुकी हैं पदक
अल्मोड़ा। राष्ट्रीय अस्मिता खेलो इंडिया महिला योगासन प्रतियोगिता में मनीषा ने कड़ी मेहनत के बल पर तीन पदक जीत चुकी हैं। आयोजन समिति के प्रशासनिक अधिकारी योगाचार्य हेमंत जोशी ने कहा कि अपने गृह क्षेत्र में राष्ट्रीय प्रतियोगिता होने का लाभ मनीषा को मिलेगा। उम्मीद है कि वह बेहतर प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक पाने के अपने लक्ष्य तक पहुंचेंगी।