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Almora News: टावर से गिरकर युवक की मौत

Sun, 14 Dec 2025 11:32 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। द्योलीखेत रानीखेत स्थित सैन्य क्षेत्र में जिपलाइन पर काम करने के दौरान शनिवार को ऊंचाई से गिरकर ताड़ीखेत ब्लॉक के ऐराड़ी निवासी दीपक सिंह रौतेला (45) पुत्र शिव सिंह रौतेला की मौत हो गई। जिपलाइन की पुली जोड़ने के लिए उसे टावर पर चढ़ाया गया था।
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परिजनों का आरोप है कि दीपक को पेड़ काटने का काम बताकर बुलाया गया था लेकिन मौके पर उससे जिपलाइन का तकनीकी कार्य कराया गया। बताया कि दीपक इस तरह के काम में प्रशिक्षित नहीं था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी नहीं थे। शनिवार शाम करीब छह बजे टावर पर काम करते समय तार ढीला हो गया जिससे वह लगभग 50 फुट नीचे गिर गया।



हादसे की सूचना मिलते ही ग्रामीण कोतवाली पहुंच गए। उन्होंने जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने मुआवजा घोषित किए बिना पोस्टमार्टम न कराने की बात कही। मौके पर पहुंचे सैन्य अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया जिसके बाद माहौल कुछ शांत हुआ।
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सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल

हादसे के बाद निर्माण स्थल पर सुरक्षा उपकरणों और प्रशिक्षित कर्मारियों की तैनाती पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों और मृतक के परिजनों का कहना है कि टावर पर काम करते समय आवश्यक सुरक्षा बेल्ट, हेलमेट का कोई इंतजाम नहीं था। ऐसे में जोखिम भरे कार्यों में सामान्य मजदूरों को शामिल करना गलत है। लोगों ने कहा कि इस तरह की परियोजनाओं में काम का जिम्मा प्रशिक्षित कर्मचारियों को सौंपना चाहिए।

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मुआवजा और सहायता पर बनी सहमति

प्रशासन और संबंधित पक्षों के बीच मृतक के परिवार को आर्थिक मदद और मुआवजा देने पर सहमति बनने के बाद ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया आगे बढ़ सकी। संबंधित पक्षों ने मृतक के परिवार को हरसंभव सहायता देने, उनके खर्चों की पूर्ति करने और आगे किसी प्रकार की कानूनी दिक्कत न होने की गारंटी देने का आश्वासन दिया। स्थानीय अधिकारियों और सेना के प्रतिनिधियों ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि पीड़ित परिवार को न्याय और सहायता दोनों मिलेगी।

मिलनसार और समाजसेवी था दीपक

रानीखेत। दीपक अपने मिलनसार और समाजसेवी स्वभाव के लिए जाना जाता था। वह कभी भी किसी काम के लिए मना नहीं करता था। हमेशा मदद के लिए तैयार रहता था। ताड़ीखेत की कार्यदायी संस्था ने स्थानीय लोगों को काम पर लगाया था। इसी कारण दीपक को काम दिलाने के उद्देश्य से द्योलीखेत बुलाया गया। जिपलाइन जैसे जोखिम भरे और तकनीकी कार्य का उसे अनुभव नहीं था, फिर भी उसने बिना किसी झिझक के काम किया। हर कार्य के लिए हां कहना इस बार उनके जीवन के लिए घातक बन गया।

इंसेट
परिवार ने एकमात्र कमाऊ सदस्य खोया

दीपक सिंह रौतेला ताड़ीखेत स्थित ब्रांज फैक्ट्री का कामगार था। उसकी पत्नी मंजू रौतेला, तीन बेटियां, एक बेटा उस पर निर्भर थे। बच्चों के भविष्य और परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए दीपक अक्सर अतिरिक्त काम किया करता था। उसकी अचानक मौत के बाद परिवार बेहद संकट में आ गया है। ग्रामीण और रिश्तेदार मदद के लिए आगे आए हैं लेकिन परिवार की आर्थिक परेशानी अब भी बनी हुई है।

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कोट-

अभी तक पीड़ित पक्ष की ओर से कोई लिखित तहरीर नहीं दी गई है। प्रशासन और संबंधित संस्थाओं के बीच मुआवजे और प्रभावित परिवार को आर्थिक सहायता देने के लिए बातचीत हुई है। काफी देर तक चली सहमति प्रक्रिया के बाद ही उप जिला चिकित्सालय रानीखेत में पोस्टमार्टम कराया जा सका। मामले की गहन जांच की जा रही है। - विमल प्रसाद , सीओ रानीखेत
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