अल्मोड़ा। मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए सहयोग राशि जुटाने के नाम पर जिले के सरकारी स्कूलों में एक फर्जी आदेश पत्र जारी होने का मामला सामने आया है। आदेश सीईओ के हस्ताक्षर से सभी बीईओ को भेजा गया, जहां से स्कूलों तक पहुंच गया। कई स्कूलों ने आदेश का पालन करते हुए मैजिक शो भी दिए गए। हालांकि ऐसा कोई आदेश जारी नहीं करने की बात कहते हुए पत्र को जाली बताया है।
फर्जी आदेश पत्र में खंड शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों में मैजिक शो आयोजित कराने के निर्देश दिए गए थे। इसमें दावा किया गया कि कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना, अंधविश्वास दूर करना, नशामुक्ति, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, साक्षरता, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देना है। पत्र के अनुसार कार्यक्रम पलवल (हरियाणा) की श्री एमके सम्राट एंड पार्टी द्वारा आयोजित था। आदेश में कक्षा एक से 12वीं तक के प्रत्येक विद्यार्थी से 10 रुपये सहयोग शुल्क लेने, अनाथ और दिव्यांग विद्यार्थियों को निशुल्क प्रवेश देने का उल्लेख किया गया था। एकत्रित राशि का 40 प्रतिशत मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराने और शेष राशि कार्यक्रम संचालक को दिए जाने की बात लिखी गई थी। पत्र में अप्रैल 2026 से कार्यक्रम आयोजित कराने के निर्देश दिए गए थे। मामले का खुलासा होने के बाद शिक्षा विभाग ने स्कूलों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध आदेश की पुष्टि किए बिना उस पर अमल नहीं करने की सलाह दी है।
कोट
स्कूलों में मैजिक शो आयोजित कराने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से कोई भी आदेश पत्र जारी नहीं किया गया है। इस संबंध में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं। यदि किसी विद्यालय को ऐसा कोई पत्र प्राप्त होता है, तो उसकी पुष्टि संबंधित अधिकारियों से करने के बाद ही कार्रवाई करें।
चंदन सिंह बिष्ट, प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी अल्मोड़ा।