योग दिग्दर्शिका पुस्तक का विमोचन करते आवासीय विवि के कुलपति प्रो. एचएस धामी, नरेश कुमार आदि।
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एसएसजे परिसर में योग विभाग द्वारा आयोजित विभिन्न वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों का चिकित्सकीय अनुप्रयोग विषय पर दस दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का समापन हो गया है। मुख्य अतिथि आवासीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एचएस धामी ने कहा कि योग व्यक्ति की आत्मा को परिष्कृत करता है। साथ ही समाज के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है।
उन्होंने कहा कि विवि का योग विभाग समाज कल्याण के मार्ग पर अग्रसर है। मुख्य वक्ता शारीरिक शिक्षण प्रमुख पश्चिमी उत्तर प्रदेश नरेश कुमार ने कहा कि वर्तमान में विषम परिस्थितियों में कठिन परिश्रम से युवाओं को आगे बढ़ने की आवश्यकता है। युवाओं का आह्वान किया कि स्वामी विवेकानंद के आदर्शों से प्रेरणा लें।
योग विभाग के अध्यक्ष डॉ. नवीन भट्ट ने बताया कि कार्यशाला में 375 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण लिया। जिन्हें योग विभाग द्वारा स्वास्थ्य रक्षक की उपाधि से नवाजा गया। साथ ही एक्यूप्रेशर, प्राण चिकित्सा, नाद चिकित्सा, कायोत्सर्ग, प्रेक्षाध्यान, स्वरयोग चिकित्सा, भवातीत, मनोचिकित्सा का प्रशिक्षण दिया गया।
अध्यक्षता परिसर निदेशक प्रो. आरएस पथनी ने की। इस अवसर पर अतिथियों ने डॉ. नवीन भट्ट की पुस्तक योग दिग्दर्शिका का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर किताब महल के संपादक सुरेश पांडे, डॉ. विनोद नौटियाल, डॉ. रजनी नौटियाल, प्रो. आराधना शुक्ला, प्रो. एसए हामिद, प्रो अनिल जोशी, प्रो. दया पंत, डॉ. मुकेश सामंत, डॉ. संजय टम्टा आदि मौजूद थे। संचालन डॉ. प्रेम प्रकाश पांडे ने किया।