रामलीला में कौशल्या, कैकेई और सुमित्रा की भूमिका में प्रवासी महिलाएं।
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प्रवासियों और स्थानीय ग्रामीणों का आपसी स्नेह, सहयोग और तालमेल देखना है तो जौरासी में दिन में हो रही रामलीला में जरूर आईएगा। रामलीला के छठवें दिन हालांकि राम और भरत संवाद की प्रस्तुति ने समा बांध दिया, परंतु मुख्य आकषण के केंद्र में तीन प्रवासी महिलाएं रहीं जिनमें कैकेई की भूमिका चित्रा कांडपाल, सुमित्रा बिमला घुगत्याल और कौशल्या की भूमिका उमा घुगत्याल ने निभाते हुए हर किसी की वाहवाही लूटी। इस मौके पर भरत शीतल गोस्वामी, शत्रुघ्न दिशा बिष्ट, राम अनिल गैरोला, सीता गौरव शर्मा, लक्ष्मण रोहित पांडे बने थे।
मुख्य अतिथि दिल्ली से पधारे मारुति उद्योग लिमिटेड के सेवानिवृत्त मुख्य सुरक्षा इंजीनियर चमोली निवासी देवी दत्त काला और पुलिस सब इंस्पेक्टर भूपेंद्र पटवाल थे। उन्होंने रामलीला आयोजन को लेकर नव चेतना सामाजिक विकास समिति, प्रवासियों और स्थानीय ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास को प्रेरणादायी बताया। इससे पहले विकास समिति के अध्यक्ष चंदन घुगत्याल और रामलीला कमेटी के अध्यक्ष चंदन मेहरा आदि ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। इधर कोट्यूड़ा में भी रात की रामलीला जारी है।