गांधी पार्क में धरना देते मजदूर संघ के श्रमिक।
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केंद्र की श्रम नीति के विरोध में भारतीय मजदूर संघ से जुड़े श्रमिकों ने नगर में रैली निकाली और चौघानपाटा में धरना दिया। वक्ताओं ने ठेका प्रथा समाप्त कर केंद्र, राज्य और प्राइवेट सेक्टरों में नियमित सेवाएं देने, सभी जिलों में सहायक श्रमायुक्तों की तैनाती करने, परिवहन निगम का राज्यीकरण किए जाने और छह सौ चालक और आठ सौ परिचालकों को नियमित नियुक्त करने की मांग की। उन्होंने मंडलीय प्रबंधक पर पदोन्नति पर मनमाने तरीके से तैनाती करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने केंद्र सरकार की श्रम नीति की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार ठेका प्रथा पर जोर दे रही है जो कि गलत है। उन्होंने मंडलीय प्रबंधक पर भी पदोन्नति मामले में मनमाने तरीके से तैनाती करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि पदोन्नति पर तैनाती में एक रूपता नहीं लाई जा रही है। जिस को लेकर वह लोग परिवहन निगम प्रबंधन के खिलाफ शीघ्र आंदोलन शुरू करेंगे। धरने पर शामिल आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की प्रदेश अध्यक्ष प्रभा फर्त्याल ने कहा कि अभी तक जिले में आंगनबाड़ी कर्मचारियों के अवकाश स्वीकृत नहीं हुए हैं और मार्च से मानदेय भी नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि जल्द वेतन और अवकाश स्वीकृत नहीं हुआ तो आंगनबाड़ी कर्मचारी भी आंदोलन करने को बाध्य होंगे। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पूरन सिंह बिष्ट ने ठेका प्रथा समाप्त कर नियमित सेवाएं देने की मांग की। उन्होंने सभी जिलों में सहायक श्रमायुक्तों की तैनाती करने, परिवहन निगम का राज्यीकरण किए जाने और 600 चालक और 800 परिचालकों को नियमित नियुक्त करने की मांग की।
इससे पहले भारतीय मजदूर संघ जिला इकाई के नेतृत्व में श्रमिकों ने रोडवेज स्टेशन से चौघानपाटा गांधी पार्क तक रैली निकाली और गांधी पार्क में धरना दिया। बाद में उन्होंने एसडीएम विवेक रॉय के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भी भेजा। धरने पर प्रदेश उपाध्यक्ष शेखरानंद पांडे, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष परिवहन मजदूर संघ मदन सिंह बिष्ट, मोहन राम, राम गौरव साह, डीएन पाठक, आनंद सिंह, कौशल कुमार, महेश चंद्र, चंद्रा नेगी, तनुजा नेगी, रमा देवी, जानकी फर्त्याल, इंद्रा बेलवाल, तुलसी देवी, चंदनी पांडे, दीपक राम, हिमांशु भाकुनी ने विचार रखे। संचालन जिला मंत्री उमेश चंद्र जोशी ने किया।