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तेंदुए की गुर्राहट सुन जंगल से भागी महिलाएं

Wed, 06 May 2015 11:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, जैंती (अल्मोड़ा)
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मंगलवार को आदमखोर तेंदुए की मौत के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन बुधवार की सुबह बष्टा गांव से कुछ दूर एक तेंदुआ फिर दिखाई दिया। गांव की महिलाएं अपने मवेशियों को चुगाने खेतो में गई थीं, तेंदुए की गुर्राहट सुनकर उन्होंने घर की ओर दौड़ लगा दी।
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बष्टा गांव निवासी भागीरथी देवी और अन्य महिलाएं बुधवार को मवेशियों को चुगाने खेतों में गई थीं। सुबह करीब 11 बजे तेंदुआ दिखाई दिया। तेंदुए के गुर्राने की आवाज से घबरा कर वह घर भाग आईं। गत दिवस आदमखोर तेंदुए को शिकारी ने मारा गिराया था। जिस स्थान पर आमदखोर तेंदुुआ मारा गया था उससे 100 मीटर दूर बुधवार को फिर से एक तेंदुआ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत है। जैैंती तहसील के अंतर्गत सुनाड़ी, कुंज, सेल्टाचापड़, स्योनानी, उड्यिारी, फटक्वालडुंगरा, पितना, टिकर, चुपड़ा, त्योनरा, नौगांव, कनरा, रणाऊं, दाड़िमी मल्ला बिनौला, तल्ला बिनौैला, नौगांव, सुरचौड़ा, बकस्वाड़ सहित कई गांवों में लंबे समय से तेंदुए का आतंक बना हुआ है।

तल्ला बिनौला निवासी चंद्रा बिष्ट ने तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वन विभाग ने एक तेंदुए को मार गिराया, लेकिन आज फिर एक तेंदुआ दिखाई दिया। क्षेत्र में एक और तेंदुआ दिखाई देने से लोगों को अकेले आवाजाही करने में जान का खतरा बना हुआ है।
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