दो शिक्षक, तीन प्रशिक्षणार्थी छात्राएं। नाम है राजकीय महिला पॉलीटेक्निक जैंती। प्रदेश सरकार भले ही तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने की बात कह रही हो लेकिन वास्तविकता यही है। राजकीय महिला पॉलीटेक्निक जैंती में प्रधानाचार्य समेत शिक्षकों के 17 पद खाली हैं।
संस्थान में दो ट्रेड स्वीकृत हैं लेकिन वर्तमान में एकमात्र सिविल ट्रेड चल रहा है। इस ट्रेड में सिर्फ तीन छात्राएं अध्ययनरत हैं। कंप्यूटर साइंस ट्रेड बंद है। संस्थान दो शिक्षकों के भरोसे चल रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष और क्षेत्रीय विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल के प्रयासों, जनता की मांग पर 2014 में शहीद दिवस समारोह में मुख्यमंत्री ने जैंती में महिला पॉलीटेक्निक खोलने की घोषणा की थी।
वर्ष 2015 में संस्थान किराये के चार कमरों में शुरू कर दिया गया। संस्थान में सिविल, कंप्यूटर साइंस (इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी) ट्रेड स्वीकृत हैं लेकिन वर्तमान में सिविल ट्रेड ही संचालित हो रहा है। इस ट्रेड में सिर्फ तीन छात्राएं अध्ययनरत हैं। कंप्यूटर साइंस ट्रेड तो चालू ही नहीं हुआ है।
वर्तमान में संस्थान में सिविल ट्रेड में प्रवक्ता, विभागाध्यक्ष सिर्फ दो शिक्षक तैनात है। प्रधानाचार्य समेत शिक्षकों के 17 पद खाली हैं।
संस्थान में सिविल ट्रेड में प्रवक्ताओं के तीन, आईटी प्रवक्ता के तीन, गणित, रसायन विज्ञान, अंग्रेजी प्रवक्ता के एक-एक, सिविल, कंप्यूटर विभागाध्यक्ष के तीन, कंप्यूटर प्रोग्रामर के तीन, कार्यशाला अनुदेशक के एक पद समेत क्लर्क के दो पद खाली हैं।
अल्मोड़ा के बाद जिले में सिर्फ जैंती में ही एकमात्र महिला पॉलीटेक्निक है। सरकार एक तरफ राज्य में महिला तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने की बात कह रही है, वहीं दूसरी तरफ पॉलीटेक्निकों की स्थिति अच्छी नहीं है।
राजकीय महिला पॉलीटेक्निक जैंती में शिक्षकों की कमी, अन्य ट्रेड स्वीकृत न होने के कारण छात्राएं यहां प्रवेश नहीं लेती है। क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रताप राम, प्रधान राजेंद्र प्रसाद जोशी ने कंप्यूटर ट्रेड संचालित करने के साथ ही शिक्षकों के खाली पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने की मांग की है।
छह करोड़ रुपये की लागत से राजकीय महिला पॉलीटेक्निक जैंती का भवन निर्माण कार्य चल रहा है। संस्थान के भवन निर्माण के लिए नया संग्रौली गांव के ग्रामीणों ने खादी रोड में अपनी 100 नाली भूमिदान में दी है।
इसी भूमि पर इन दिनों संस्थान के भवन निर्माण कार्य किया जा रहा है। इन दिनों पॉलीटेक्निक किराये के भवन में चल रहा है। पॉलीटेक्निक का अपना भवन बन जाने के बाद यहां नए ट्रेड खुलने, प्रशिक्षुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।