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Almora News: तेंदए को फंसाने के लिए महिलाओं ने पिंजरे की उतारी नजर

Mon, 24 Aug 2026 12:30 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
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मौलेखाल (अल्मोड़ा)। तल्ला सल्ट के पीनाकोट में तेंदुए की दहशत कम नहीं हो रही है। महिलाओं ने तेंदुए को फंसाने के लिए वन विभाग की ओर से गांव में लगाए गए पिंजरे की नजर उतारी और हाक मंत्र का जाप किया। उन्होंने हमलावर वन्यजीव की दहशत से मुक्ति की कामना की।
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ग्रामीणों के अनुसार वन विभाग ने 11 अगस्त को पीनाकोट में पिंजरा लगाया था लेकिन 12 दिन बाद भी पिंजरे के आसपास हमलावर तेंदुआ या अन्य हिंसक वन्यजीव नजर नहीं आया। उनका कहना है कि पिंजरा लगाए जाने से पहले इसी रास्ते पर तेंदुए की गतिविधियां लगातार दिखाई दे रही थीं लेकिन पिंजरा लगने के बाद गतिविधियां अचानक रुक गईं।
इसी को देखते हुए महिलाओं ने देवभूमि की पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार पिंजरे की नजर उतारी और हाक मंत्र पढ़ा। ग्रामीणों काे विश्वास है कि इस पारंपरिक प्रक्रिया से सकारात्मक परिणाम मिलेंगे और क्षेत्र को लंबे समय से बने वन्यजीवों के भय से मुक्ति मिलेगी।
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वृद्धा पर तेंदुए के हमले के बाद गांव में पिंजरा लगाया
वन विभाग ने बढ़ाई गश्त, कैमरे से निगरानी, ग्रामीणों में अब भी दहशत

संवाद न्यूज एजेंसी
स्याल्दे (अल्मोड़ा)। गुमटी के फुलाई गांव में वृद्ध महिला पर तेंदुए के हमले के बाद वन विभाग ने पिंजरा लगा दिया है। क्षेत्र में लगातार गश्त के साथ कैमरे से भी तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इस घटना के बाद ग्रामीण भयभीत हैं।

शनिवार तड़के तेंदुए ने घर में सो रही 88 वर्षीय परुली देवी पर हमला कर दिया था। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रामनगर अस्पताल रेफर किया गया जहां उनका उपचार चल रहा है।
जौरासी रेंज के रेंजर आशुतोष जोशी ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में लगातार गश्त की जा रही है और गांव के पास पिंजरा लगाया गया है। कैमरे के माध्यम से भी निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों से घरों के आसपास साफ-सफाई रखने, झाड़ियों का कटान करने और रात में घरों में पर्याप्त रोशनी रखने के लिए कहा। साथ ही आसपास के लोगों से ऊंची आवाज में बातचीत करते रहने की अपील की ताकि हिंसक वन्यजीव गांव की ओर आने से दूर रहें।

फोटो: 23एएलएम08पी-फुलाई गांव में पिंजरा लगाती वन विभाग की टीम। स्रोत : वन विभाग
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तड़म गांव में कैमरों से बाघ की निगरानी तेज
मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं के बीच चल रहा रेस्क्यू अभियान
मौलेखाल (अल्मोड़ा)। मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं के बीच वन विभाग ने ग्राम सभा तड़म में बाघ की निगरानी और रेस्क्यू अभियान तेज कर दिया है। वन क्षेत्राधिकारी मोहान हेमा कर्नाटक के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम संभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर बाघ की गतिविधियों को ट्रैक कर रही है। तड़म गांव में पिंजरा लगाया गया है जबकि क्षेत्र में वन्यजीवों की निगरानी के लिए 10 पिंजरे, दो ड्रोन, दो लाइव कैमरे और 45 ट्रैप कैमरा लगाए गए हैं।
टीम के पास छह एनक्लोजर, सात फोकस लाइट, राइफल और गांधी बंदूक समेत अन्य सुरक्षा उपकरण हैं। ड्रोन और ट्रैप कैमरे के माध्यम से बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। संवाद
गांवों में गश्त और जागरूकता अभियान

मोहन वन क्षेत्र के डबरा-सौरल, तड़म और काट की नाव क्षेत्र में वन विभाग की टीमें कैंप कर गश्त कर रही हैं। ग्रामीणों के साथ बैठकें कर उन्हें वन्यजीवों से सतर्क रहने और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जा रही है। तड़म और डबरा-सौरल के रास्तों व पगडंडियों के आसपास झाड़ी कटान भी कराया गया है ताकि आवाजाही के दौरान वन्यजीवों के हमले कम हों।
द्वाराहाट, जौरासी और रानीखेत रेंज की टीमें भी संबंधित क्षेत्रों में कैंप कर सहयोग कर रही हैं। डॉक्टरों की टीम के साथ रेस्क्यू टीम वन्यजीव को पकड़ने के लिए लगातार प्रयासरत है। वन क्षेत्राधिकारी हेमा कर्नाटक ने बताया कि बाघ के रेस्क्यू के लिए हमारी टीम क्षेत्र में मुस्तैद है।
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