सुदूरवर्ती सिमोली गांव में शुक्रवार शाम पेड़ से पत्ते काटते समय गिरी महिला की मृत्यु हो गई। सड़क में हुए गड्ढों के कारण महिला को उपचार मिलने में देरी हुई। जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है। सिमोली गांव निवासी बालम सिंह की पत्नी हीरा देवी (42) शुक्रवार शाम जानवरों के लिए भीमल के पत्ते काटने पेड़ पर चढ़ी थी।
वह पेड़ से गिरकर घायल हो गई थी। सड़क खराब होने के कारण 108 नंबर की एंबुलेंस सेवा गांव नहीं पहुंच पाती। इसलिए परिजनों ने टैक्सी बुक कराकर उसे अस्पताल पहुंचाया। यह गांव द्वारसौं-काकड़ीघाट रूट पर बसा है। जिस कारण 30 किमी दूरी तय करने में टैक्सी को भी डेढ़ घंटे लगे।
यहां रानीखेत अस्पताल में उसका प्राथमिक उपचार हुआ। डॉक्टरों ने बताया कि महिला के कमर, सिर पर चोट थी, लेकिन उबड़-खाबड़ सड़क पर अत्यधिक झटके लगने से जख्म गहरे हो गए थे। जिस कारण हीरा को हल्द्वानी रेफर कर दिया गया। जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
इस घटना से ग्रामीणों में भारी रोष है। सामाजिक कार्यकर्ता गोपाल सिंह बिष्ट, जीवन सिंह बिष्ट ने कहा कि द्वारसौं-काकड़ीघाट मोटर मार्ग का लंबे से सुधारीकरण नहीं हुआ है। जिस कारण इस मोटर मार्ग से यात्रा में खासी परेशानी होती है जबकि सड़क सुधारने के लिए लंबे आंदोलन हुए, खैरना में जाम लगाया गया। तहसील में भैंसें बांधी गईं। इसके बावजूद सड़क नहीं सुधरी।
हीरा देवी की मौत से घर पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। बताया गया है कि मृतका का बड़ा पुत्र लापता है, जबकि पति बालम सिंह मेहनत मजदूरी कर घर चलाता है। 12 साल का एक छोटा पुत्र भी है। हीरा भी मजदूरी करती थी। सिमोली के प्रधान चंदन सिंह ने शोकाकुल परिवार को उचित सहायता देने की मांग की है।