शनिवार को द्वितीय अवकाश और फिर रविवार को साप्ताहिक बंदी के कारण मुरझाए बाजार में सोमवार को थोड़ा जान आई। लोगों की भीड़ होने से बाजार में खासी चहल-पहल दिखाई दी। बैंकों मेें पैसा जमा करने या निकालने के अलावा सहालग सीजन के कारण नगर समेत ग्रामीण क्षेत्र से भी लोग खरीददारी के लिए बाजार पहुंचे थे।
नोटबंदी के बाद पिछले 17,18 दिनों से नगर के बैंकों और एटीएम के इर्द-गिर्द ही लोगों की भीड़ दिखाई दे रही थी। पांच सौ और हजार की पुरानी करेंसी नहीं चलने और नए नोट नहीं होने से परेशान लोग पिछले कई दिनों से बैंकों में पैसा जमा करने और निकालने के लिए लाइनों में ही खड़े दिखाई दिए। शनिवार और रविवार सरकारी कर्मचारियों और बैंक कर्मियों की दो दिन की छुट्टी के कारण बाजार भी सुनसान हो गया था। सोमवार को कार्यालय और बैंक खुलने के बाद बाजार में भी खासी चहल पहल दिखाई दी। इससे पिछले कई दिनों से मुरझाए व्यापारियों के चेहरों पर रौनक दिखाई दी।