चित्तोली-देघाट मोटरमार्ग में पैंचों से उखड़ता डामर। संवाद
स्याल्दे (अल्मोड़ा)। कार्यों में लीपापोती और लापरवाही का ताजा नमूना 22 किमी लंबी चित्तोली-देघाट मोटर मार्ग में देखने को मिला है। इस सड़क के गड्ढों को पाटने के लिए हाल में पैच भरान कार्य चला। लेकिन गड्ढों में भरा डामर चार दिन में ही उखड़ गया। चंद रोज के लिए गड्ढामुक्त बनी सड़क फिर गड्ढायुक्त हो गई।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि विभागीय अनदेखी से ठेकेदार ने पैच भरान कार्य में घोर लापरवाही बरती है। अब पैच भरान का काम लीपापोती की भेंट चढ़ गया। इसकी वजह पैच भरान में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। इस कार्य पर अंगुली उठने लगी है।
चार साल में उधड़ी सड़क
स्याल्दे। पीएमजीएसवाई के तहत बनी केदार-स्याल्दे-वल्मरा मोटर मार्ग चार साल पहले बनी, मगर कम अवधि में ही सड़क उधड़ गई है। सड़क संकरी है और दूसरा उसमें बड़े-बड़े गड्ढे खतरा बन गए हैं। सड़क दोतरफा झाड़ियों से घिर गई है। यह मार्ग गढ़वाल और कुमाऊं को जोड़ता है। इसमें मासी से स्याल्दे करीब 15 किमी का आधे घंटे का सफर दो घंटे में तय होता है।
कोट:
चित्तोली देघाट मार्ग में पैच भरान का कार्य चला है, जो अभी पूरा नहीं हुआ है। जहां भी डामर उखड़ने की शिकायत होगी वहां फिर डामर किया जाएगा। - रवि मौर्या, जेई, पीएमजीएसवाई
वल्मरा-स्याल्दे-केदार मोटर मार्ग की हालत खराब थी। उसे सुधारा जा रहा है। चित्तोली से केदार 38 किमी तक कार्य चल रहा है। उदेपुर से केदार के लिए एक हफ्ते के भीतर पैच भरान कार्य शुरू कर दिया जाएगा। - विजय सिंह रावत, जेई, पीएमजीएसवाई