आंतरिक सड़कों की बदहाली ने पर्यटन नगरी की साख पर बट्टा लगा दिया है। सेना के सप्लाई डिपो को जोड़ने वाला मार्ग दुर्घटना का सबब बना हुआ है। इस मोटर मार्ग की लंबे समय से मरम्मत नहीं हुई है, जिसके चलते पूरी सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। विभाग का काम केवल मंत्री और वीआईपी के आगमन पर सड़क के गड्ढों को मिट्टी से पाट देने तक सीमित रह गया है।
नगर की आंतरिक सड़कों की हालत लंबे समय से बदहाल है। दो सड़किया-सप्लाई डिपो मार्ग पर डामरीकरण का कार्य नहीं होने के कारण पूरी सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुुुकी है। जिससे रपटकर दोपहिया वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं। यह सड़क रानीखेत-खैरना हाइवे को जोड़ती है। इसलिए इसमें वाहनों का आवागमन भी अधिक रहता है। अधिकारी, जनप्रतिनिधि इस मार्ग से होकर गुजरते हैं, लेकिन सड़क की बदहाली पर उनका ध्यान नहीं जाता। दूसरी तरफ नगर को जोड़ने वाले आंतरिक मोटर मार्ग की हालत आज तक नहीं सुधरी। इन हालातों में कैसे पर्यटन नगरी का विकास होगा।