मानिला में आयोजित शिविर में दृष्टि बाधित छात्रा की समस्या सुनते उच्च न्यायालय नैनीताल के न्यायाधीश राजीव शर्मा।
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उच्च न्यायालय नैनीताल के न्यायाधीश राजीव शर्मा ने रविवार को राजकीय पीजी कालेज मानिला (सल्ट) में आयोजित बहुउद्देश्यीय विधिक जागरूकता शिविर में दो दृष्टि बाधितों का उपचार पीजीआई चंडीगढ़ में खुद के खर्च पर करने का आश्वासन देकर एक नजीर पेश की है। न्यायमूर्ति की पहल का क्षेत्रीय लोगों ने स्वागत किया है।
राजकीय पीजी कालेज मानिला (सल्ट) में आयोजित शिविर में आकांक्षा पुत्री आनंद सिंह और स्याल्दे निवासी योगेश पुत्र प्रेम सिंह पहुंचे थे। दोनों दृष्टिबाधित हैं। आकांक्षा राजकीय कन्या इंटर कालेज भरसोली देघाट में कक्षा सात में अध्ययनरत है। 11 अक्तूबर 2017 को स्कूल में उसकी आंख में रेत घुस गई। दूसरे दिन परिजन उसे उपचार के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी ले गए।
जहां डाक्टरों ने आंख की ज्योति चले जाने की बात कही। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण परिजन उसके उपचार में असमर्थ हैं। रविवार को मानिला में आयोजित शिविर में आनंद सिंह ने मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा के समक्ष अपनी समस्या रखी।
न्यायमूर्ति ने आकांक्षा और योगेश पुत्र प्रेम सिंह की आंखों का उपचार पीजीआई चंडीगढ़ में खुद के खर्च पर करने का आश्वासन दिया। भाजपा प्रदेश कार्यकारणी सदस्य प्रताप रावत, जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत, कुंदन बिष्ट, मनमोहन बंगाली, जीत सिंह, सुंदर सिंह, गोपाल सिंह, देवेंद्र सिंह, मान सिंह बिष्ट, देवी दत्त शर्मा सहित अनेक लोगों ने न्यायमूर्ति की पहल की सराहना की है।