खैरखेत और बूढ़ाधार के आपदा प्रभावित परिवारों की स्थिति के बारे में अमर उजाला में प्रमुखता से समाचार छपने के बाद जिलाधिकारी सविन बंसल अधिकारियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने प्रभावितों का हाल पूछा। जिलाधिकारी ने कहा प्रभावितों की हर संभव सहायता की जाएगी। जिलाधिकारी ने गांव में भूकटाव रोकने के साथ ही सुरक्षा दीवारों के निर्माण की योजना बनाने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि विस्थापन की प्रक्रिया चल रही है और इसमें तेजी लाने के लिए शासन को एक और पत्र भेजेंगे।
मालूम हो कि भैंसियाछाना ब्लाक के अंतर्गत खैरखेत और बूढ़ाधार गांवों में पिछले कई सालों से भूस्खलन हो रहा है। 2010 में पहली बार यहां भारी भूस्खलन हुआ। उसके बाद हर साल भूस्खलन की घटनाएं होती रहती हैं। खासतौर पर बरसात के मौसम में इस पूरे इलाके में खतरा काफी बढ़ जाता है। इन दोनों गांवों में रहने वाले करीब 55 परिवारों के घरों को तो खतरा है ही, उनकी उपजाऊ जमीन भी बरबाद होती जा रही है। प्रभावितों की हालत के बारे में बुधवार को अमर उजाला में विस्तार से खबर छपने के बाद जिलाधिकारी सविन बंसल अन्य अधिकारियों को साथ लेकर मौके पर पहुंचे और स्थिति को देखा।
जिलाधिकारी ने कहा कि जब तक स्थायी तौर पर विस्थापन नहीं हो जाता तब तक प्रभावितों को नए चिन्हित स्थान पर ठहराने के लिए टेंट की व्यवस्था के लिए निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने संभव होने पर स्वयं सेवी संस्थाओं आदि के सहयोग से कुछ समय के लिए टिन की चादरों अथवा फाइबर हट्स की व्यवस्था के लिए प्रयास करने को भी कहा। जिलाधिकारी ने खैरखेत में नदी से हो रहे भूकटाव रोकने के लिए सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता से योजना बनाने को कहा। साथ ही खंड विकास अधिकारी से भी जहां जरूरी हो वहां मनरेगा के माध्यम से सुरक्षा दीवारें बनाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी प्रभावितों से मुलाकात करके हर संभव सहयोग करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि विस्थापन की प्रक्रिया चल रही है और इसमें तेजी लाने के लिए शीघ्र एक और पत्र शासन को भेजेंगे। इस मौके पर एसएसपी केएस नगन्याल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी राकेश जोशी, डीडीओ मो.असलम, खंड विकास अधिकारी भूपाल सिंह गैड़ा, बीडीसी सदस्य संतोष आर्या, ग्राम प्रधान जगत वाणी आदि मौजूद थे।