चौखुटिया (अल्मोड़ा)। नशा नहीं, रोजगार दो...आंदोलन की 42वीं वर्षगांठ की पूर्वसंध्या पर रविवार को रामगंगा आरती घाट में राजनीतिक व सामाजिक संगठनों की बैठक हुई। नशे के खिलाफ एकजुट रहने का संकल्प लिया गया। सोमवार के आयोजन में अधिक से अधिक लोगों के पहुंचने का आह्वान किया गया।
बैठक में उपपा अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि नशा नहीं, रोजगार दो आंदोलन 42 वर्ष बाद भी उतना ही प्रासंगिक है। वर्तमान परिस्थितियों में इसकी आवश्यकता और बढ़ गई है। बेरोजगारी और बढ़ते नशे की प्रवृत्ति समाज के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है, जिससे निपटने के लिए संगठित जनसंघर्ष जरूरी है। जल संरक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित मोहन कांडपाल ने कहा कि केवल नशामुक्ति ही नहीं, बल्कि जल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी समस्याओं पर भी समग्र दृष्टिकोण से कार्य करने की आवश्यकता है।
आंदोलन के शुरुआती दौर में सक्रिय रहे भगवत रावत (मासी) ने पुराने संघर्षों को याद करते हुए कहा कि इस आंदोलन ने समाज को झकझोरा और युवाओं को नई दिशा देने का कार्य किया था। गणेश पांडे ने कहा कि अब केवल मुद्दों की चर्चा से काम नहीं चलेगा, बल्कि व्यापक राजनीतिक बदलाव के लिए संगठित प्रयास जरूरी हैं। सामाजिक कार्यकर्ता बसंत उपाध्याय, जिला पंचायत सदस्य सरस्वती किरौला, जमन सिंह मनराल, उदय किरौला, हेम कांडपाल, गिरीश मठपाल, ममता जोशी, बबीता आर्या, ममता बिष्ट, भारती पांडे, किरन आर्या, पूप्पा थापा आदि ने भी अपनी बात रखी।