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मोटरों की खराबी के चलते सवालों के घेरे में चांदीखेत पेयजल योजना

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चौखुटिया (अल्मोड़ा)। ग्यारह ग्राम पंचायतों के चौदह गांवों के लिए बनाई गई चांदीखेत ग्राम समूह पेयजल योजना में गड़बड़झाले की बू आ रही है।
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योजना में कुल चार बड़ी मोटरें लगाई गई हैं। इनमें से दो मोटरें उद्घाटन के दिन से ही खराब हैं। चार माह बाद भी उक्त मोटरों की मरम्म्त न किए जाने से कई सवाल उठ रहे हैं।
करीब दस करोड़ चालीस लाख की लागत से बनाई गई चांदीखेत ग्राम पेयजल योजना का पहला उद्घाटन सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 27 जनवरी को अल्मोड़ा में किया था। इसके एक माह बाद विधायक महेश नेगी ने 12 फरवरी को चौखुटिया में योजना का उद्घाटन किया था।
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उद्घाटन के दिन चार में से दो मोटरें खराब होने का मामला मामला उठा तो संबंधित अधिकारियों ने मामूली खराब बताकर ठीक करने की बात कही। लेकिन चार माह बाद भी मोटरें ठीक नहीं की जा सकी हैं।
इधर दो मोटरों से पर्याप्त पंपिंग नहीं हो पा रही है। इससे नियमित आपूर्ति न होने की शिकायतें मिल रही हैं। पंप हाउस का मुख्य स्विच भी खराब है। ऑटो सिस्टम भी नहीं लगा है और ना ही बिजली का मीटर लगा है।
दो पंप हाउसों और वितरण टैंक में अलग अलग संयोजन होने से भी दिक्कत हो रही है। बताया गया है कि पेयजल वितरण की भी कोई ठोस व्यवस्था नहीं होने से सब कुछ राम भरोसे प्रतीत हो रहा है। इसी के चलते जल संस्थान भी योजना को लेने को तैयार नहीं है।
कभी भी आपूर्ति हो सकती है ठप
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। चार में से महज दो मोटरों के सहारे चल रहे पंप हाउस के यदि चालू पंप खराब हो गए तो संबंधित गांवों में जो थोड़ा बहुत पेयजल आपूर्ति हो रही है वह भी बाधित हो जाएगी।
दूसरी तरफ पंप हाउस में तैनात तीन आपरेटरों को आठ माह से मानदेय नहीं मिला है। इस कारण वह भी कार्य बहिष्कार की तैयारी में हैं। ऐसे होने पर भी आपूर्ति बाधित हो सकती है। ग्राम प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष पवन पांडे ने बताया कि उनकी ग्राम पंचायत दंतोला आदि में उक्त योजना का पानी नही पहुंच पा रहा है।
कहीं खराब मोटरें तो नहीं लगा दीं?
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। लोगों का कहना है कि उद्घाटन तिथि से ही चार में से दो मोटरें खराब पड़ी हैं। यह जांच का विषय है कि संबंधित अधिकारियों ने कहीं दूसरे स्थान से खराब मोटरें निकाल कर तो नहीं लगा दी हैं।
मोटरों में मामूली तकनीकी खराबी है, जिसे जल्द ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है। जहां तक मुख्य स्विच की खराबी का सवाल है वह चार दिन पहले ही फुंका है। - नवीन चौहान जेई टेक्निकल विभाग (जल निगम)
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पर्याप्त पंपिंग न होने से नियमित आपूर्ति में दिक्कतें हो रही हैं। ग्वाली में ढाई लाख लीटर की टंकी है उसे भरने के लिए लगातार पंपिंग जरूरी है। जो संभव नही हो पा रहा है जिसके चलते लोगों की शिकायतें हैं। चारों मोटरें चालू होने पर दिक्कतें दूर होंगी। मोटर ठीक करने का जिम्मा जल निगम के टेक्निकल शाखा का है। - राजेंद्र लाल जेई जल निगम
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