अल्मोड़ा में बारिश के बाद का नजारा
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जागेश्वर-आरतोला सड़क पर आवाजाही शुरू होने से राहत
जागेश्वर में बारिश थमने के बाद हालात सामान्य हुए हैं। दूसरे दिन जागेश्वर-आरतोला सड़क पर मलबा हटाकर आवाजाही शुरू कराई गई, इससे स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में राहत है।
जागेश्वर में भारी बारिश के बाद जागेश्वर-आरतोला और वृद्ध कोटेश्वर-जागेश्वर सड़क बंद हो गई थीं। ऐसे में जागेश्वर क्षेत्र का शेष दुनिया से संपर्क कट गया था। बृहस्पतिवार सुबह मौसम खुलने के बाद जागेश्वर-आरतोला सड़क पर मलबा हटाकर आवाजाही शुरू कराई गई। फंसे श्रद्धालु बाहर निकले तो कई श्रद्धालु बाबा जागनाथ के दर्शन के लिए जागेश्वर धाम पहुंचे। शटल सेवा ने श्रद्धालुओं को राहत पहुंचाई। हालांकि वृद्ध जागेश्वर-कोटेश्वर सड़क पर अब भी आवाजाही शुरू नहीं हो सकी है। बारिश के बाद ग्रामीण बैंक में मलबा घुसने से कामकाज ठप रहा। बैंक कर्मी पूरे दिन मलबा साफ करने में जुटे रहे।
अल्मोड़ा में 12 सड़कों पर थमी आवाजाही
बारिश के बाद बंद सड़कों ने लोगों की दिक्कत बढ़ाई है। जगह-जगह मलबा और बोल्डर गिरने से 12 सड़कें बंद हैं इससे 40 से अधिक गांवों का शेष दुनिया से संपर्क कटा है। लोग किसी तरह मलबा और बोल्डरों के बीच सफर कर गांवों से बाहर निकल रहे हैं।
जिले में बीते बुधवार देर शाम हुई भारी बारिश के बाद सड़कें बंद होने से 25 हजार से अधिक की आबादी परेशान है। कई जगह भूस्खलन से सड़कों का नामोनिशान मिट गया है तो कई जगह भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिरने से आवाजाही पूरी तरह ठप है। बीमारों और गर्भवतियों का भी अस्पताल पहुंचना मुश्किल हो गया है। यदि समय रहते सड़कों पर आवाजाही शुरू नहीं हुई तो लोगों की दिक्कत और बढ़ेगी। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल ने कहा कि सड़कों को खोलने का काम शुरू कर दिया है। जगह-जगह जेसीबी लगाई गई हैं। जल्द सभी सड़कों पर आवाजाही शुरू होगी।
इन सड़कों पर बंद है आवाजाही
रना-रानीखेत-रामनगर, बाड़ेछीना-सेराघाट, जागेश्वर-कोटेश्वर, सौधार-पनुवाद्योखन, देघाट-चिन्तोली, बसोली-पोखरी-नाई ढोल, ताकुला-थापला, चक्करगांव-घुघुती, गजार-क्वैराली, बूचड़ी-पंतकोटली, टाटिक-तोली, धौलछीना-काचुला।