ताड़ीखेत के सिमोली गांव में पानी के लिए इंतजार में ग्रामीण। संवाद
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ताड़ीखेत (अल्मोड़ा)। ताड़ीखेत विकासखंड के कई गांवों में पेयजल किल्लत बढ़ने लगी है। सिमोली, पथुली, गैरड़ आदि स्थानों पर पिछले चार दिन से पानी की आपूर्ति ठप है। इस कारण लोग पारंपरिक पेयजल स्रोतों पर निर्भर होकर रह गए हैं। इन गांवों के लिए दो-दो पेयजल योजनाएं संचालित हैं, लेकिन आपूर्ति नहीं हो पाती। तिपौला योजना से भी पिछले चार दिनों से पानी की बूंद नहीं टपकी है। इस कारण ग्रामीणों में जल संस्थान के प्रति भारी आक्रोश है।
सिमोली, पथुली, थकुलाड़ी, गैरड़, पपना आदि गांवों में ताड़ीखेत गगास, तिपौला पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति होती है। सामाजिक कार्यकर्ता दीपक ठाकुर ने बताया कि ताड़ीखेत गगास योजना में पिछले 15 दिनों से पानी नहीं आया है। तिपौला योजना से काम चल रहा था, लेकिन पिछले चार दिनों से इस योजना से भी पानी नहीं मिल रहा है। ग्रामीण दूरदराज के स्रोतों और गधेरों से पानी ढोने के लिए मजबूर हैं। उन्होंने जल संस्थान की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया। कहा कि ग्रामीण नियमित रूप से बिल चुका रहे हैं, इसके बावजूद पानी नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के वक्त जनप्रतिनिधियों को भी इस समस्या से अवगत कराया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। उनका कहना है कि इस क्षेत्र में आए दिन समस्या रहती है, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है जबकि ताड़ीखेत ब्लॉक की आधी आबादी इसी क्षेत्र में रहती है। इधर, धूराफाट क्षेत्र में भी पानी की समस्या बढ़ गई है। कई पेयजल योजनाओं से नियमित पानी न मिलने से लोग परेशान हैं। उनका कहना है कि पानी ढोने में पूरा दिन बर्बाद हो रहा है।
सिमोली, पथुली, गैरड़ क्षेत्र के उपभोक्ताओं से शिकायत नहीं आई है। फिर भी यदि किसी क्षेत्र में पानी नहीं पहुंच रहा है तो खामियों को दूर किया जाएगा। -शेखर रौतेला, एई, जल संस्थान, चिलियानौला रानीखेत।