मौलेखाल (अल्मोड़ा)। सल्ट ब्लॉक के तहसील चौक और शशिखाल में पिछले एक माह से पानी की आपूर्ति ठप है। लोग दो से पांच किमी दूर से पानी लाने को मजबूर हैं।
जल संस्थान इन इलाकों में टैंकर से पानी की आपूर्ति कर रहा है, जो पर्याप्त नहीं है। ग्रामीणों ने क्षेत्र को कोटेश्वर-शशिखाल पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि कोटेश्वर-शशिखाल पंपिंग पेयजल योजना शशिखाल के नाम से बनाई गई है। एक साल से इस योजना से क्षेत्र के लोगों को पानी नहीं मिला है, जबकि इस योजना से अन्य गांवों को पानी दिया जा रहा है।
पूर्व में बनी गुलार करगेत पेयजल योजना से भी शशिखाल समेत आसपास के इलाकों को पिछले एक माह से पानी की आपूर्ति ठप पड़ी हुई है। ग्रामीण दूर स्थित नौलों और जलस्रोतों से पानी ढो रहे हैं।
कोविड कर्फ्यू में जल स्रोतों में पानी भरने के लिए काफी संख्या में लोग पानी भरने पहुंच रहे हैं। लोगों का पूरा दिन पानी की व्यवस्था करने में लग रहा है।
ग्रामीणों को दो से पांच किमी दूर से पानी ढोना पड़ रहा है। उन्होंने शशिखाल-कोटेश्वर पंपिंग योजना से शशिखाल के लोगों को पानी आपूर्ति करने की मांग उठाई है।
ग्रामीणों ने टंकी की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
बागेश्वर। ग्रामीणों ने तहसील के थाला-सानिउडयार पेयजल योजना में टंकी के सुधारीकरण के कार्य पर सवाल खड़े किए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि विभाग लापरवाही के चलते गांव पीने के पानी का तरस रहा है। लंबे समय से टंकी लीक कर रही है।
उसे ठीक करने के लिए आए बजट का दुरुपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने मरम्मत स्थल पर पहुंचकर विरोध जताया। उन्होंने आरोप कि अंदर से क्षतिग्रस्त टंकी के बाहर से लीपापोती कर विभाग बजट खपाने में लगा हुआ है। गणेश धामी, पप्पू राठौर, भूपेंद्र सिंह, पंकज सिंह आदि ने टंकी की अंदर से मरम्मत न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
जल संस्थान के जेई वीरेंद्र कुमार का कहना है कि सानिउडियार बेहतर पेयजल सुविधा के लिए सुधारीकरण कार्य किया जा रहा है। गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होने दिया जाएगा।