अल्मोड़ा। नगर के साथ ग्रामीण इलाकों में भी पेयजल संकट गहराने लगा है। जल संस्थान ने सड़क से लगे इलाकों में टैंकरों से पानी पहुंचाना शुरू कर दिया है, लेकिन सड़क से दूर स्थिति गांवों में लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है।
गर्मी बढ़ने के साथ ही शहर के मोहल्लों में जहां पानी की कम आपूर्ति हो रही है, वहीं ग्रामीण इलाकों में प्राकृतिक जल स्रोतों में पानी का स्तर गिरने से पेयजल संकट बढ़ गया है।
अवर अभियंता तनुजा ने बताया कि बुधवार को नैनोली, चेलछीना, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय चगेठी, मोतियापाथर, मेरगांव, डीनापानी, सिराड़ क्षेत्र में टैंकर और पिकअप से पानी की आपूर्ति की गई।
आज नहीं आएगा पानी
अल्मोड़ा। मटेला में नया फिल्टरेशन प्लांट स्थापित करने लिए जल संस्थान वहां से नगर के एडम्स टैंक को दूसरे स्थान पर शिफ्ट करेगा। इसकी वजह से बृहस्पतिवार शाम और शुक्रवार सुबह एडम्स टैंक से लाभान्वित होने वाले क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति नहीं होगी।
जल संस्थान के ईई केएस खाती ने बताया कि आठ अप्रैल को लाइन शिफ्ट करने का कार्य सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक किया जाना है।
इस कारण एडम्स टैंक से लाभान्वित होने वाले क्षेत्रों धारानौला, गोलना करड़िया, मकेड़ी, रानीधारा, झिझाड़, खोल्टा, लाला बाजार, भ्यारखोला, कचहरी बाजार, जाखनदेवी, चीनाखान, लिंक रोड, सरकार की आली, थपलिया आदि इलाकों में पानी की बृहस्पतिवार शाम और शुक्रवार सुबह के समय पानी की आपूर्ति नहीं हो सकेगी।
सोमेश्वर घाटी क्षेत्र में पानी का संकट गहराया
सोमेश्वर। घाटी क्षेत्र के अंतर्गत भी पानी की किल्लत शुरू हो गई है। अर्जुन राठ, भानाराठ, सोमश्वर बाजार, पल्यूड़ा हट्यूड़ा, नारंगतोली, नकुड़ा आदि इलाकों में पानी का संकट बना है।
लोग दूरदराज स्थित प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी लाकर गुजारा कर रहे हैं। मवेशियों के लिए पानी जुटाने में लोगों को अधिक परेशानी हो रही है।
जैंती, लमगड़ा में भी पेयजल संकट गहराने के आसार
जैंती/लमगड़ा। जैंती तहसील के कई गांवों में इस बार पेयजल संकट गहराने के आसार हैं। हालांकि अभी पानी की किल्लत शुरू नहीं हुई है, लेकिन लंबे समय से बारिश नहीं होने से पेयजल स्रोत रिचार्ज नहीं हुए हैं। ऐसे में जल्द बारिश नहीं हुई तो जल स्रोत सूख सकते हैं और पेयजल का संकट बढ़ जाएगा।
तहसील में हैंडपंपों की भी कमी बनी है, जो हैंडपंप हैं भी तो वह काम नहीं करते हैं। सड़क से दूर गांवों में तो नौले ही एकमात्र लोगों की प्यास बुझाते हैं।
देखरेख के अभाव में अब गांवों में नौलों की स्थिति भी अच्छी नहीं है। इधर लमगड़ा ब्लाक मुख्यालय में बारिश नहीं होने और पेयजल खपत अधिक होने से जल संकट की स्थिति पैदा हो रही है। गर्मी बढ़ने के साथ पेयजल संकट बढ़ेगा।
धौलीछीना में फिलहाल हालात सही, आगे होगी मुश्किल
धौलीछीना। पेयजल की आपूर्ति फिलहाल ठीक है लेकिन जैसे जैसे गर्मी बढ़ेगी। दिक्कत बढ़ जाएगी। क्योंकि इस साल बारिश कम होने से जलस्रोत शीघ्रता से सूखते जा रहे हैं, जो स्रोत हैं उससे लोग अपनी प्यास बुझा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार की ओर से चलाए गए हर घर नल योजना का लाभ मिलता दिखाई दे रहा है।
भिकियासैंण में पंपिंग सिस्टम की वजह से दिक्कत
भिकियासैंण। नगर पंचायत भिकियासैंण के लिए बनी एकल पंपिंग योजना में वितरण व्यवस्था चरमराने से कई जगह पेयजल आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में नहीं हो पा रही है। इसकी वजह से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
रामगंगा नदी में बनी एकल पंपिंग योजना से भिकियासैंण में पानी की आपूर्ति होती है। इन दिनों मुख्य लाइन से टैंकों तक नियमित पानी लिफ्ट हो रहा है। इसके बावजूद गांधीनगर तथा तहसील वार्ड के कुछ हिस्सों में पानी की किल्लत बनी हुई है।
लोगों ने बताया कि वितरण व्यवस्था सही नहीं होने से जरूरत के मुताबिक भी पानी नलों में नहीं आ रहा है। विभागीय देखरेख की कमी भी पेयजल संकट की एक वजह है। क्योंकि कई जगहों पर लाइन में लीकेज ठीक नहीं किया गया है।