मानिला के सहर बाजार में टैंकर से पानी लेने उमड़ी भीड़।
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मानिला क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों में पानी संकट गहराने से ग्रामीण परेशान हैं। बाजार क्षेत्र में टैंकर से पानी वितरित किया जा रहा है। जबकि गांवों में न तो टैंकर पहुंच पा रहा है और न ही हैंडपंप हैं। ग्रामीण नौलों से किसी तरह पानी लाकर काम चला रहे हैं। गर्मी बढ़ने के साथ ही पानी संकट और गहराने के आसार हैं।
मानिला क्षेत्र के सदर बाजार, डोटियाल बाजार, रतखाल बाजार, डबरा बाजार के अलावा टिटोली, इलाकोट, सकणना, नकचुरा, बिछखोली, नैल, गुसाई नैल, कनगडी आदि गांवों में दो महीने से पानी का संकट बना हुआ है। पिछले कुछ दिनों से पानी की किल्लत काफी गहरा गई है। बाजार क्षेत्र में चार दिन छोड़कर पांचवें दिन टैंकर से पानी वितरित किया जा रहा है। टैंकर पहुंचते ही पानी लेने के लिए लोगों की भीड़ जुट जा रही है। सड़क नहीं होने के कारण टैंकर गांवों में नहीं पहुंच पा रहा है। ग्रामीण दो किमी दूर स्थित नौलों से पानी ढो रहे हैं। उनका अधिकांश समय परिवार और मवेशियों के लिए पानी जुटाने में ही बर्बाद हो रहा है।
कनगड़ी के प्रधान दिनेश नैलवाल ने बताया कि गांवों में पेयजल संकट लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र पंचायत की बैठक में कई बार पेयजल से जुड़ी समस्या को उठाया गया, लेकिन समाधान अब तक नहीं हुआ है। नगचूला गांव के शेखर मनराल ने कहा कि मानिला-बरकिंडा पंपिंग योजना का निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है। ग्रामीण इस मामले में कई बार आंदोलन कर चुके हैं लेकिन कार्यदायी संस्था काम पूरा नहीं करा रही है।