रानीखेत (अल्मोड़ा)। पेयजल समस्या को लेकर ताड़ीखेत जनमिलन केंद्र में चल रहा क्रमिक अनशन संयुक्त मजिस्ट्रेट के आश्वासन के बाद फिलहाल स्थगित हो गया है। सातवें दिन संयुक्त मजिस्ट्रेट अपूर्वा पांडेय जल संस्थान और जल निगम के अधिकारियों को लेकर आंदोलन स्थल पर पहुंची। जल संस्थान ने पेयजल संबंधी समस्याओं को जल जीवन मिशन के तहत पूरा करने का आश्वासन दिया। लिखित आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया है।
ताड़ीखेत विकास संघर्ष समिति के बैनर तले पानी के लिए स्थानीय लोग पिछले सात दिनों से क्रमिक अनशन कर रहे थे। सातवें दिन भुवन चंद्र जोशी और दीपक मावड़ी क्रमिक अनशन पर बैठे। दोपहर बाद संयुक्त मजिस्ट्रेट अपूर्वा पांडेय जल निगम और जल संस्थान के अधिकारियों को लेकर आंदोलन स्थल पर पहुंची। उन्होंने आंदोलनकारियों से वार्ता की। स्थानीय लोगों ने कहा कि पेयजल वितरण व्यवस्था में कतई सुधार नहीं हो रहा है।
जल संस्थान ने मुख्य मांगों को जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूरा करने का लिखित आश्वासन दिया। संयुक्त मजिस्ट्रेट ने कहा कि कोरोना तेजी से फैल रहा है। मुख्य मांगों को जल्द पूरा कराया जाएगा। इसके बाद संघर्ष समिति ने आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की। चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगों पर सार्थक कार्रवाई नहीं की गई तो पुन: आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। वार्ता के दौरान संघर्ष समिति के अध्यक्ष गोपाल सिंह अधिकारी, डूंगर सिंह रावत, रमेश जोशी, दीवान सिंह बिष्ट, मनोज पांडे, प्रधान मंजीत भगत, दीपक जोशी, मनोज रावत, रेखा भट्ट, दीपा जोशी आदि थे।
जिले की जनता को पेयजल संकट से नहीं मिल रही निजात
अल्मोड़ा। गरमी बढ़ने के साथ ही जिले के ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट गहराने लगा है। पिछले दिनों हुई बारिश के बाद भी लोगों को पेयजल संकट से निजात नहीं मिल पा रही है। लोग दूर दराज स्थित जल स्रोतों से पानी लारहे हैं। पानी की व्यवस्था करने में लोगों का काफी समय बरबाद हो रहा है।
जिले के धौलादेवी, लमगड़ा, हवालबाग, ताकुला और भैंसियाछाना विकासखंड के कई गांवों में ग्रामीण पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। जंगलों में आग लगने और गरमी बढ़ने के साथ ही ग्रामीण इलाकों में जिन प्राकृतिक स्रोतों से योजनाएं बनी हैं उनमें जल स्तर काफी घट गया है। पेयजल योजनाओं से पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने से ग्रामीणों को जरूरत के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीण दो-दो किमी दूर स्थित प्राकृतिक जल स्रोतों नौलों और धारों से पानी लाकर गुजारा कर रहे हैं। वहीं सड़क से लगे इलाकों में हैंडपंपों से भी पानी भर रहे हैं। प्राकृतिक स्रोतों में भी पानी भरने के लिए लोगों की भीड़ लगती है। सड़क से लगे गांवों और कस्बों में जल संस्थान टैंकरों से पानी पहुंचा रहा है लेकिन सड़क से दूर स्थित गांवों में जल संस्थान और प्रशासन भी पानी नहीं पहुंचा पा रहा है।
जल संस्थान की अवर अभियंता तनुजा ने बताया कि सोमवार को गैंगहट, लमगड़ा, डुबरौली, मेरगांव, भांगादेवली, हवालबाग ट्रेनिंग सेंटर, खोल्टा, फारेंसिंक लैब सिराड़, शैल बाइपास, कनरा, बेस अस्पताल में डॉक्टर हास्टल में टैंकरों से पानी पहुंचाया गया।
इधर धौलादेवी विकासखंड के कुमड़ गांव के सामाजिक कार्यकर्ता अनिल चंद्र तिवारी ने आरोप लगाया है कि गांव में जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल हर घर जल योजना के तहत पाइप लाइन बिछाई गई है। आरोप लगाया है कि पाइप लाइन बिछाने में अनियमितता बरती गई है। पाइप जमीन के भीतर भी नहीं डाले गए हैं। उन्होंने मामले में जांच की मांग उठाई है।