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पानी नहीं मिला तो अब धान की नर्सरी जलाने को मजबूर होंगे बिमोला के अजा काश्तकार

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18grd04p नहर साफ करती बिमौला की महिलाएं - फोटो : GARUD
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गरुड़(बागेश्वर)। सिंचाई विभाग की अनदेखी के चलते अनुसूचित जाति बहुल गांव बिमोला के काश्तकार आज तक धान की रोपाई नहीं कर पाये हैं। आक्रोशित काश्तकारों ने चेतावनी दी है कि दो दिन के भीतर उनके खेतों के लिए पानी की आपूर्ति नहीं हुई तो वह रोपाई के लिए तैयार धान की नर्सरी को जलाने को मजबूर होंगे। बृहस्पतिवार को गांव की महिलाओं ने नहर की सफाई भी की। लेकि न नहर क्षतिग्रस्त होने के कारण पानी गांव तक नहीं पहुंच पाया।
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अनुसूूचित बहुल गांव बिमोला में सिंचाई विभाग ने बड़ेत नहर का निर्माण किया है। विभाग द्वारा इस बार नहर की मरम्मत न किए जाने से गांव में आज तक नहर का पानी नहीं पहुंचा है। बिमोला के निर्वतमान प्रधान हरीश राम ने बताया कि सिंचाई विभाग के जेई, एई और ईई से नहर में पानी चलाने के संबंध में कई बार कह दिया है। विभाग के अभियंताओं ने आज तक नहर में पानी की आपूर्ति नहीं की है। जिसके चलते गांव के काश्तकार आज तक धान की रोपाई नहीं कर पाये है। गांव के काश्तकार हरीश राम, राजेंद्र राम विमला देवी, चंद्रा देवी, गुड्डी देवी, सरिता, भवाना, उमा, गीता ने चेतावनी दी है कि दो दिन के अंदर गांव की नहर में पानी नहीं पहुंचा तो वह रोपाई के लिए तैयार धान की नर्सरी पर आग लगाने को मजबूर होंगे। सिंचाई विभाग के एई एससी सती ने बताया कि बड़ेत नहर जगह जगह पर क्षतिग्रस्त है। विभाग ने बिमोला गांव में पानी छोड़ने के संबंध में जेई को निर्देश दे दिए है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को वह खुद नहर का निरीक्षण करेंगे। इधर बृहस्पतिवार को गांव की महिला काश्तकारों ने बड़ेत नहर की सफाई की। नहर जगह- जगह पर क्षतिग्रस्त होने के कारण गांव में नहर का पानी सफाई के बावजूद नहीं पहुंच पाया।
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