ग्रामीण क्षेत्रों को पालिका में शामिल करने का विरोध जारी है। शनिवार को खत्याड़ी में हुई कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक में वक्ताओं ने बर्शिमी, रैलापानी, लोधिया आदि गांवों को पालिका में शामिल किए जाने पर ग्रामीणों के साथ आंदोलन की चेतावनी दी। वक्ताओं का कहना था कि ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब परिवार रहते हैं और किसी भी प्रकार का टैक्स देने में समर्थ नहीं हैं।
वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले अधिकांश परिवार गरीब वर्ग के हैं और मजदूरी कर के परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। ऐसे में अगर इन गावों को पालिका में जोड़ दिया गया तो ग्रामीणों को विभिन्न कर चुकाने पड़ेंगे। वह इसके लिए तैयार नहीं हैं। जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष हर्ष कनवाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ग्रामीण क्षेत्रों को पालिका में शामिल करने के शासन के इस निर्णय का विरोध करती है और गांवों को पालिका में शामिल करने पर पार्टी कार्यकर्ता भी ग्रामीणों के साथ आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
बैठक में देव सिंह कनवाल, कुंदन नेगी, गोविंद कनवाल, बबलू कनवाल, विक्की कनवाल, श्याम कनवाल, पप्पू कनवाल, रामू कनवाल, मनोज कनवाल, तेज कनवाल, बसंत कनवाल, शंकर जोशी, भगवती देवी, गंगा कनवाल, आशा कनवाल, तुलसी बिष्ट, दीपा जोशी, सीता देवी, नरेंद्र कनवाल, सुंदर सिंह, मनोज बिष्ट, कुंदन सिंह, बालम सिंह, महेश सिंह, संजू रावत, किशन रावत आदि मौजूद थे।