उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रियासत अली ने अल्मोड़ा में वक्फ संपत्ति के प्रबंधन के लिए मसरूर कुरैशी को प्रशासक नियुक्त किया है। उनकी तीन वर्ष के लिए प्रशासक पद पर नियुक्ति की गई है। इधर, नगर के मुस्लिम समुदाय के कई लोगों ने मसरूर कुरैशी की नियुक्ति का विरोध करते हुए मुख्यमंत्री, डीएम और अपर आयुक्त वक्फ को ज्ञापन भेजा है और प्रशासक की नियुक्त तत्काल निरस्त नहीं होने पर आंदोलन की धमकी दी है।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने मसरूर कुरैशी को अल्मोड़ा में वक्फ संख्या दो, तीन और 39 के लिए तीन वर्ष की अवधि को प्रशासक नियुक्त किया है। इधर नगर के मुस्लिम समुदाय ने इस नियुक्ति का विरोध किया है और मुख्यमंत्री, डीएम और अपर आयुक्त वक्फ को भेजे ज्ञापन में आरोप लगाया है कि वक्फ बोर्ड और उसके अधिकारी लगातार पर्वतीय क्षेत्र में अपने हिसाब से नियुक्ति कर वक्फ की संपतियों को लगातार खुर्द-बुर्द करने के साथ ही नुकसान पहुंचा रहे हैं।
आरोप लगाया गया कि उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर निवासी मसरूर कुरैशी को पुन: वक्फ संपति का प्रशासक बना दिया गया है, जबकि 25 अप्रैल को अल्मोड़ा में वक्फ बोर्ड के कार्यपालक अधिकारी, वक्फ इंस्पेक्टर और अन्य व्यक्तियों ने नगर के मुस्लिम समुदाय और मस्जिद में नमाजियों की बैठक की, जिसमें सर्वसम्मति से मो. असमल जिन्नाह का चयन किया गया था। लेकिन वक्फ बोर्ड के अधिकारियों ने मसरूर कुरैशी को प्रशासक नियुक्त कर दिया। यदि शीघ्र नियुक्ति निरस्त नहीं हुई तो आंदोलन होगा।
ज्ञापन भेजने वालों में अंजुमन सेवा समिति के अध्यक्ष उमर हुसैन, सचिव नूर खान, पूर्व सभासद यूसुफ तिवारी, जियाउर रहमान, फरीद, नफोस, अजीम अंसारी, मो. सलीम, अनीस, अशरफ खान, आमिर, रियाज अहमद, शमीम आदि शामिल हैं।