शरद नवरात्र में जगह-जगह रामलीला मंचन की धूम मची हुई है। देर रात तक चल रही रामलीला में दर्शकों की काफी भीड़ उमड़ रही है।
नंदादेवी में गत रात सुमंत विलाप, केवट मिलन, श्रवण भक्ति, दशरथ मरण, चित्रकूट में भरत शत्रुघ्न का श्री राम, लक्ष्मण से मिलन आदि प्रसंगों का मंचन हुआ। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कूर्मांचल एकेडमी की निदेशक मधु खाती, जयेश शुक्ला, प्रकाश पांडे, मनोज वर्मा, संजय अग्रवाल, संतोष मिश्रा, जगदीश वर्मा आदि उपस्थित थे।
धारानौला में मंथरा कैकई, दशरथ कैकई, राम कैकई, राम कौशल्या, राम वनवास का मंचन हुआ। राजेंद्र तिवारी ने दशरथ, काजल भारती ने कैकई, कमल जोशी ने राम, गुंजन जोशी ने लक्ष्मण, पूजा बिष्ट ने
सीता, हर्षित मनराल ने मंथरा के पात्र का अभिनय किया। इससे पहले अश्विनी बंसल ने रामलीला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कमेटी के अध्यक्ष कमल किशोर तिवारी, मनोज सनवाल, अमरनाथ सिंह नेगी, किशन गुरुरानी आदि भी मौजूद थे। हुक्का क्लब में मंथरा-ककई, दशरथ कैकई, राम कैकई, कौशल्या, राम सीता, राम लक्ष्मण, राम वनवास का मंचन किया गया गया। एनटीडी और राजपुरा में भी रामलीला का मंचन चल रहा है।
उधर कर्नाटकखोला में पांचवें दिन की रामलीला का उद्घाटन सांसद प्रदीप टम्टा ने किया। उन्होंने कहा कि राम के आदर्शों को जीवन में अपनाकर आगे बढ़ें। रामलीला की शुरुआत में बालिकाओं ने वंदना पेश की। इसके बाद दशरथ विलाप, सुमंत राम संवाद, राम केवट संवाद, राम विलाप प्रसंगों का मंचन हुआ। सरकार की आली में राम वन गमन, केवट मिलन, सुमंत विलाप, भरत कैकई संवाद, मंथरा शत्रुघन संवाद, चित्रकूट मिलन केे दृश्य मंचित किए गए।