बागेश्वर। कांडा तहसील क्षेत्र के ढुंगापंत बांसतोली गांव में संचालित खड़िया खदान के कारण भू-धंसाव और आशियानों के दरकने से ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। 1965, 1967 और 1971 की तीन-तीन ऐतिहासिक जंग लड़ चुके वयोवृद्ध पूर्व सैनिक प्रेम राम सोमवार को अपने पूरे परिवार और ग्रामीणों के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया।
कलक्ट्रेट में अपनी पीड़ा बताते हुए पूर्व सैनिक प्रेम राम और उनकी बेटी भावुक होकर रो पड़ीं। पूर्व सैनिक ने बताया कि देश की सीमा पर तो दुश्मन से जंग जीत ली लेकिन आज अपनों की खदान और प्रशासनिक उपेक्षा के चलते अपना ही आशियाना बचाने की जंग लड़नी पड़ रही है। खड़िया खदान के कारण पूरे क्षेत्र में लगातार जमीन खिसक रही है। कहा कुछ दिन पूर्व उनके पुत्र ललित मोहन और शेकेंद्र प्रसाद के पक्के मकान भू-धंसाव की चपेट में आकर बुरी तरह दरक चुके हैं।
ग्रामीणों ने चेताया कि यदि प्रशासन ने खदान के कारण उत्पन्न खतरे का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, विस्थापन और खदान पर रोक लगाने के लिए कदम नहीं उठाए, तो वे कलेक्ट्रेट परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देंगे।