भिकियासैंण-मानिला-बरकिंडा और हंसीढूंगा-गुजरकोट पंपिंग पेयजल योजनाओं के निर्माण कार्य में हो रही देरी से नाराज सल्ट के विधायक सुरेंद्र सिंह जीना ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
विधायक के नेतृत्व में सल्ट और स्याल्दे क्षेत्र के ग्रामीणों ने जैनल से नौला तक जुलूस निकाला और जल निगम डिविजन नौला कार्यालय में तालाबंदी कर धरने पर बैठ गए।
उन्होंने सीएम को ज्ञापन भेज कर समस्या का शीघ्र निराकरण नहीं होने पर जनवरी से अनिश्चितकालीन धरना देने की चेतावनी दी।
धरना स्थल पर हुई सभा में विधायक जीना ने प्रदेश सरकार पर गैर कांग्रेसी विधायकों के क्षेत्र उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार स्वीकृत योजनाओं को जानबूझ कर लटका रही है।
मानिला पेयजल योजना से 142 गांवों को लाभान्वित होना है, लेकिन पांच सालों बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य लाइन से ग्रामों को जोड़ने के लिए धन मुहैया नहीं कराया जा रहा है।
गुजरकोट पेयजल योजना 190 गांवों के लिए स्वीकृत है। 2012 में सरकार ने सदन में एक वर्ष के भीतर कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन निर्माण तो दूर आज तक डीपीआर भी शासन में लटकी पड़ी है।
विधायक ने कहा कि सरकार को जन समस्याओं से कोई सरोकार नहीं रह गया है। मुख्यमंत्री कोरी घोषणाएं कर जनता को भ्रमित कर रहे हैं।
अन्य वक्ताओं ने कहा कि पंपिंग योजनाएं जल्द नहीं बनी तो आंदोलन तेज होगा। ग्रामीणों ने तहसीलदार राधेराम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में समस्या का शीघ्र निराकरण नहीं होने पर जनवरी से अनिश्चितकालीन धरना देने की चेतावनी दी है।
जुलूस और धरने में विधायक सुरेंद्र जीना, जिला पंचायत सदस्य हंसा नेगी, नारायण सिंह, प्रताप रावत, राधारमण, दिनेश मेहरा, निर्मला शर्मा, राधा देवी, पूरन रजवार, जेपी जोशी, त्रिलोक सिंह, लक्ष्मी दत्त, टीडी शर्मा, राजेंद्र नेगी बैठे।