सिंचाई समस्या से जूझ रहे हाट, झलां, कौधार, कारचूली, बसनलगांव, कुसगंाव, बोहरा गांव व भैल्टगांव आदि गावों के ग्रामीणों ने सिचाई विभाग कार्यालय कार्यालय में पहुंचकर वहां मौजूद एई का घेराव कर प्रदर्शन किया। उन्होंने कार्यालय में मौजूद अधिकारियों को खूब खरी खोटी सुनाई। समस्या का निदान न होने पर 17 जुलाई को सिंचाई कार्यालय में तालाबंदी करने साथ ही चक्काजाम की चेतावनी दी है।
क्षेत्र की सबसे बड़ी नहरों में एक सिंचाई रामगंगा दांई नहर के खस्ताहाल के चलते निचले क्षेत्रों के गावों में नहर का पानी नहीं पहुंच पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नहर का हैड रामगंगा नदी से बनाया गया है। लेकिन खनन के चलते नदी का जल स्तर नीचे चले गया है जबकि हैड ऊपर रह गया है। ऐसे में बिना हैड को ठीक किए नहर में पानी पहुंचना संभव नहीं है।
ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित अधिकारियों से लगातार गुहार लगाने के बावजूद हैड को ठीक नहीं किया गया है। जिसके चलते नहर में पानी न आने से सिंचाई नही हो पा रही है कहीं धान की पौध सूख गई है तो कहीं रोपाई ही नहीं हो पा रही है। धरना, प्रदर्शन व घेराव करने वालों में प्रधान मोहन सिंह, दीपा देवी, चंदन सिंह, श्याम सिंह मेहरा, जोगेंदर सिंह, प्रेम सिंह भाकुनी, जमन मनराल, जगत मनराल, कुबेर सिंह, शांति, मंजू, भागुली, बसंती, खष्टी, सीता, मोहनी, अनुली, लीला, कमला, लछिमा, राधा देवी, गोविंद राम आदि शामिल थे।
जल संस्थान कार्यालय के बाहर भी किया प्रदर्शन
चौैखुटिया(अल्मोड़ा)। ग्रामीणों ने झलां-हाट-भैल्टगांव पेयजल योजना के फेज प्रथम व द्वितीय में पेयजल की आपूर्ति न होने पर रोष जताते हुए बाद में जल संस्थान कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। कहा कि सुनोली में बने मुख्य टैंक के लीक होने से यह स्थिति पैदा हो रही है परंतु संबंधित अधिकारियों से लगातार अनुरोध के बावजूद टैंक को ठीक नही किया जा रहा है। जिससे चलते बेवजह ही पेयजल समस्या पैदा हो गई है।
पंपिंग से पानी पहुंचाकर धान की रोपाई कर रहे नट्टागुल्ली के ग्रामीण
द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। एक तरफ सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात कर रही है, दूसरी तरफ काश्तकार की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। यहां नट्टागुल्ली क्षेत्र के किसान पंपिंग कर गधेरे से पानी खेत में पहुंचाकर रोपाई करने को मजबूर हैं। इन दिनों गाड़, गधेरों का भी जल स्तर गिरने से किसानों की मुसीबत और भी बढ़ गई है।
नट्टागुल्ली क्षेत्र में गेहूं, धान सहित तमाम फल और सब्जियों का उत्पादन प्रचुर मात्रा में होता है। ग्रामीणों की आय का जरिया भी खेती किसानी है। क्षेत्र में अधिकांश सिंचाई नहरें जीर्ण क्षीण हालत हैं। जिसके चलते खेतों में पानी नहीं आ पा रहा है। कई बार मांग उठाने के बाद भी समस्या का समाधान हो पाया है। ऐसेे मेें काश्तकार पास के गधेरे से पंपिंग कर पाइपों के माध्यम खेतों में पानी पहुंचाकर फसल की सिंचाई करने को मजबूर है।
ग्रामीणों ने बताया गया है कि इन नहरों की मरम्मत सालों से नहीं हुई है। कुथलगाड़ गधेरे का जल स्तर पर लगातार कम हो रहा है, जिससे परेशानी और भी बढ़ गई है। प्रधान जानकी देवी, बीडीसी सदस्य दया देवी, पूर्व प्रधान नंदन सिंह, नागेंद्र सिंह, जसवंत सिंह, शिव सिंह रौतेला ने बताया कि उनके कहने पर लघु सिंचाई खंड द्वाराहाट के कनिष्ठ अभियंता ने इसका आगणन बनाकर सरकार को भेजा था, लेकिन आज तक कुछ भी नहीं हुआ है।