अल्मोड़ा एसएसजे परिसर में छात्रसंघ चुनाव के उपाध्यक्ष पद को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। बृहस्पतिवार को उस समय परिसर प्रबंधन के हाथ-पैर फूल गए जब इस मामले की जांच के लिए विवि की ओर से गठित समिति के भंग होने के बाद भाष्कर जोशी और उनके समर्थक परिसर भवन की छत पर चढ़ गए। आक्रोशित समर्थकों ने डीएसडब्लू प्रो. सजीव आर्या और निर्वाचन अधिकारी प्रो. जगत सिंह बिष्ट का पुतला जलाकर परिसर प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर अपना आक्रोश जताया।
एसएसजे परिसर में 29 सितंबर को हुए छात्रसंघ चुनाव के उपाध्यक्ष पद पर पहले भाष्कर जोशी को एक वोट से विजयी घोषित किया गया था। इसके बाद सुमित जोशी के समर्थकों ने री-काउंटिंग की मांग उठाई। दोबारा मतगणना में दोनों प्रत्याशियों के मत बराबर निकले। इसके बाद देर रात पर्ची सिस्टम से हुए निर्णय में सुमित जोशी को विजयी घोषित कर दिया गया। इसी फैसले को लेकर उठे विवाद के बाद भाष्कर जोशी ने अपने समर्थकों के साथ विवि के कुलपति प्रो. प्रवीण सिंह बिष्ट से मुलाकात की।
कुलपति ने इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए समिति गठिन करने के निर्देश दिए थे। लेकिन बृहस्पतिवार को समिति के भंग होने की खबर सुनते ही समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित समर्थकों ने डीएसडब्लू प्रो. सजीव आर्या और निर्वाचन अधिकारी प्रो. जगत सिंह बिष्ट का पुतला जलाया। देखते ही देखते दोपहर 12:49 बजे भाष्कर जोशी, पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष भूपेश गैड़ा, प्रतिनिधि विरेंद्र जोशी, लक्की जोशी, गौरव सहित अन्य समर्थक परिसर भवन की छत पर चढ़ गए। उन्होंने उपाध्यक्ष पर निर्वाचित घोषित किए जा चुके भाष्कर जोशी को ही उपाध्यक्ष निर्वाचित करने की मांग उठाई। सूचना मिलने पर परिसर में बारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस के काफी समझाने पर भी भाष्कर जोशी और अनके समर्थक छत पर ही डटे रहे। नराज समर्थकों ने आत्मदाह करने तक की भी चेतावनी दे डाली। आक्रोश जताने वालों में पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष युवम बोहरा, तनुजा, आलिया चौहान, सलोनी, भानु, शिवम, आयूष, अक्षय, रोहित, गौरव आदि शामिल रहे।
विवि के निर्वाचित अधिकारी का किया घेराव
समर्थकों ने परिसर में पहुंचते ही विवि के निर्वाचन अधिकारी का घेराव कर चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए। इस दौरान समर्थकों और निर्वाचन अधिकारी के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक चलती रही। इससे परिसर में काफी देर तक तनाव का माहौल बना रहा।
शिकायत निवारण प्रकोष्ठ करेगा जांच
विवि के कुलपति प्रो. प्रवीण सिंह बिष्ट ने बताया कि लिंगदोह कमेटी के नियमों के मुताबिक इस मामले की जांच परिसर का शिकायत निवारण प्रकोष्ठ करेगा। इस कारण पूर्व में गठित जांच समिति का भंग किया गया है।