रानीखेत में हुए पहाड़ के आज तक के सबसे बड़े वाहन चोरी मामले में अभी तक 27 वाहन पकड़े जा चुके हैं। पुलिस को इस गिरोह का जाल देश के अन्य राज्यों में भी फैले होने की आशंका है। एसएसपी पी रेणुकादेवी ने इस मामले की जांच के लिए एसएसआई के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम गठित कर दी है। यह टीम जल्द ही दिल्ली जाकर प्रमुख आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही दिल्ली पुलिस का सहयोग लेकर मामले की जांच करेगी। पुलिस बीते दिनों रानीखेत में पकड़े गए दो आरोपियों के बैंक खातों को भी खंगाल रही है।
मंगलवार को पुलिस कार्यालय में हुई पत्रकार वार्ता में एसएसपी पी रेणुकादेवी ने बताया कि वाहन चोरी के इस मामले में अभी तक चार कारें और 23 स्कूटी पकड़ी गई हैं। सभी वाहन नए हैं और 2017 से 2018 के बीच खरीदे गए हैं। उन्होंने बताया कि वाहन चोरी के इस मामले में रानीखेत में पकड़े गए अतीकुर्रहमान और राकेश पाठक के बैंक खातों की भी जांच की जा रही है। इसमें राकेश पाठक के खातों में कुछ संदिग्ध ट्रांजेक्शन पाए गए हैं। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि वाहन चोरों का गिरोह देश के अन्य राज्यों में भी फैला हो सकता है।
मामले की जांच के लिए रानीखेत थाने के एसएसआई धीरेंद्र पंत के नेतृत्व में एसआई सुरेंद्र सिंह रिंग्वाल, एसआई बृजभूषण गुरुरानी, साइबर सेल के कांस्टेबल संदीप कुमार और कमल सिंह की टीम गठित की गई है। जांच टीम जल्द ही दिल्ली भी जाएगी।