अल्मोड़ा। एनएसयूआई के पूर्व सचिव विपुल कार्की ने टीकाकरण में छात्रों को प्राथमिकता देने की मांग की। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज कुंदन के नेतृत्व में चलाई जा रही मुहिम के तहत परीक्षाओं से पहले छात्रों का टीकाकरण किया जाना बहुत जरूरी है।
उन्होंने कहा कि टीकाकरण के बगैर परीक्षाएं संचालित होना निंदनीय है। युवाओं को परीक्षा से पूर्व प्राथमिकता के आधार पर टीका नहीं लगा तो आंदोलन किया जाएगा।
पूर्व सचिव कार्की ने पत्रकारों से कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर देश की सभी इकाइयां अपने राज्य में इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहीं हैं। संक्रमण के बीच छात्रों के जीवन को सुरक्षित रखने के लिए सरकार को जल्द से जल्द कोई योजना बनानी चाहिए।
इससे परीक्षार्थियों की जान जोखिम में न रहे। ऐसी किसी योजना के न होने से छात्रों के जीवन के साथ खिलवाड़ हो सकता है। कहा कि केंद्र सरकार और उनकी कूटनीतियों के कारण टीकों की कमी चिंताजनक है।
कहा कि देश टीकों की कमी से जूझ रहा है लेकिन केंद्र सरकार जनता का पैसा अपने निजी प्रचार में खर्च कर रही है। इस मौके पर पवन मेहरा, संदीप तड़ागी, दीपेश कांडपाल, संदीप तड़ागी, पंकज गुरुरानी, आयुष्मान भट्ट, अमित बिष्ट, नितिन रावत आदि रहे।