मकर संक्रांति के मौके पर पहली बार अल्मोड़ा में भी उत्तरायणी पर्व उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। तय किया गया कि 15 जनवरी को उत्तरायणी पर्व के मौके पर नगर में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी की पहल को संस्कृति प्रेमियों, रंगकर्मियों, सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने सराहनीय कदम बताते हुए परंपराओं और संस्कृति को जिंदा रखने के लिए आभार व्यक्त किया है।
पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी की अध्यक्षता मेें हुई बैठक में इस बार अल्मोड़ा में भी उत्तरायणी पर्व मनाने का निर्णय लिया गया। बैठक में मौजूद रंगकर्मियों, संस्कृति प्रेमियों, राजनीतिक, सामाजिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में निर्णय लिया गया कि 15 जनवरी को उत्तरायणी पर्व में ऐपण, मेहंदी, झोड़ा, बैर, कुमाऊंनी व्यंजन, घुघती माला और घुघती गायन प्रतियोगिता भी आयोजित होगी। जिसमें छह से नौ वर्ष तक के बच्चे प्रतिभाग करेंगे। इस दौरान सांस्कृतिक और छोलिया नृतकों की विभिन्न टीमें कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां देंगी। सभी कार्यक्रमों को रैमेजे इंटर कालेज प्रांगण में आयोजित करने का निर्णय लिया गया। पर्व के मौके पर लोगों को उरद की खिचड़ी प्रसाद रूप में वितरित की जाएगी।
बैठक में विमला बोरा, लता बोरा, संजय साह, राजेंद्र तिवारी, पीतांबर पांडे, कैलाश गुरुरानी, पूरन रौतेला, हीरा सिंह, प्रदीप बिष्ट, अमरनाथ सिंह, रजनी टम्टा, राधा नेगी, हेम तिवारी, सरिता टम्टा, आनंदी पांडे, अख्तर हुसैन, गिरीश गोस्वामी, पुष्पा सती, अनिता रावत, रमेश लाल, पंकज कांडपाल, राधा तिवारी, सिम्मी धवन, गीतम भट्ट, दिव्या पंत, हीरा सिंह, गौरव वर्मा, भास्कर साह, चंद्रशेखर, डा. ज्ञान प्रकाश तिवारी, चंद्रशेखर आर्या, पंकज भगत, देवेंद्र भट्ट आदि मौजूद थेे। संचालन अशोक पांडे ने किया।