जिला उपभोक्ता फोरम ने लापरवाही और सेवा में कमी पर उत्तराखंड ग्रामीण बैंक धारानौला शाखा को परिवादिनी शिक्षिका को 45 हजार रुपये एक माह के भीतर अदा करने के आदेश दिए हैं।
धारानौला निवासी राजकीय हाइस्कूल बिरौड़ा (हवालबाग) में सहायक शिक्षिका हंसा पंत का उत्तराखंड ग्रामीण बैंक धारानौला में खाता था। 27 सितंबर 2016 को उनका एटीएम खो गया। हंसा पंत ने इसकी सूचना बैंक को दी और नया एटीएम जारी करने का निवेदन किया, लेकिन 14 अक्तूबर 2016 की रात 10:27 बजे और 10:29 बजे उनके खाते से किसी व्यक्ति ने 10-10 हजार रुपये निकाल लिए।
टोल फ्री नंबर में पूछताछ करने पर पता चला कि टीपी नगर हल्द्वानी एसबीआई एटीएम से पैसा निकाला गया है। इसकी सूचना उन्होंने बैंक और एसबीआई को दी। 16 अक्तूबर को वह एसबीआई हल्द्वानी गई और सीटीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने को कहा, लेकिन बैंक ने नहीं दिखाए। 29 अक्तूबर को पुन: हल्द्वानी जाकर उन्होंने सीसीटीवी फुटेज देखे तो एक संदिग्ध व्यक्ति हेलमेट पहने देखा गया जिसे वह पहचान नहीं पाईं। घटना के समय परिवादिनी गर्भवती थी।
हंसा पंत ने एटीएम खोने की सूचना बैंक को देने के बावजूद उनके खाते से निकाले गए 20 हजार रुपये वापस दिलाने और 25 हजार रुपये क्षतिपूर्ति के लिए फोरम में वाद दायर किया। फोरम के अध्यक्ष डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा, सदस्य प्रभात कुमार चौधरी और लीला जोशी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं।
फोरम ने माना कि बैंक द्वारा सेवा में कमी कर लापरवाही की गई है। फोरम ने उत्तराखंड ग्रामीण बैंक को आदेशित किया है कि वह एक माह के भीतर 45 हजार रुपये परिवादिनी को अदा करे। यदि निश्चित अवधि में धनराशि भुगतान नहीं की गई तो वाद दायर करने की तिथि से आठ फीसदी वार्षिक ब्याज पाने की अधिकारी भी शिक्षिका होगी।